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मॉनीटरिंग सेल में मिलेगी संगीन गुनेहगारों को सजा

कोर्ट में मुकदमे के दौरान वादकारियों को अक्सर न्याय में देरी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में सालों बाद भी न्याय न मिलने से वे खुद को ठगा हुआ महसूस करते है. इन हालात को बदलने के लिए शहर के कप्तान ने डीजीपी के आदेश पर एक सार्थक पहल की है.

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Kanpur

मॉनीटरिंग सेल में मिलेगी संगीन गुनेहगारों को सजा

कानपुर। कोर्ट में मुकदमे के दौरान वादकारियों को अक्सर न्याय में देरी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में सालों बाद भी न्याय न मिलने से वे खुद को ठगा हुआ महसूस करते है. इन हालात को बदलने के लिए शहर के कप्तान ने डीजीपी के आदेश पर एक सार्थक पहल की है. उन्होंने आपराधिक मामलों में समय से सुनवाई पूरी करवाकर सजा दिलाने के लिए एक मॉनीटरिंग सेल बनाई है. सेल की जिम्मेदारी होगी कि मुकदमे में पुलिस की पैरवी और गवाही समेत अन्य काम समय पर हो. इससे मुकदमे का समय से निस्तारण हो सके.

ऐसी मिली है जानकारी
बता दें कि डीजीपी ने सर्कुलर जारी कर पास्को एक्ट के साथ जघन्य आपराधिक मामलों की लिस्ट बनाने का आदेश दिया था. इसके तहत एसएसपी ने 350 संगीन मामलों को चिह्नित कर यह लिस्ट बनवाई है. इस लिस्ट में हत्या, डकैती, दहेज हत्या, आर्म्‍स एक्ट, गैंगस्‍टर, एनडीपीएस एक्ट और पास्को एक्ट के मामलों को शामिल किया गया है. इस लिस्ट में 113 पास्को एक्ट के मामले है. इस बारे में एसएसपी का कहना है कि यह पहली लिस्ट है. अभी और मुकदमों को चिह्नित किया जा रहा है.

ऐसा है लक्ष्‍य
इसके इतर एसएसपी ने बताया कि मॉनीटरिंग सेल सितंबर को गठित की गई थी. सेल एक महीने में 12 शातिर अपराधियों को सजा दिला चुकी है. इसमें पांच हत्या, एक दहेज हत्या, एक गैरइरादतन हत्या, दो गैंगस्‍टर, एक एनडीपीएस और एक पास्को एक्ट का मामला है. सेल को दिसंबर तक 100 मुकदमों में सजा दिलाने का लक्ष्‍य तय किया गया है.

भेजा टीम का नाम
एसएसपी अनंत देव ने बताया कि एक महीने में 12 मामलों में सजा दिलाने के लिए सेल के अफसरों को सम्मानित करने के लिए उनका नाम डीजीपी को भेजा है. इनमें एसपी क्राइम राजेश यादव और उनके सहयोगी इंस्पेक्टर संतोष को प्रशस्ति पत्र देने के लिए नाम भेजा गया है. इन नामों के आधार पर सम्‍मान को तय किया जाएगा.