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इस वजह से पुरुषों में बढ़ रही है SEX की समस्या

शहर में बढ़ रहे प्रदूषण व खान पान में मिलावट के चलते पुरुषों में स्पर्म की संख्या कम हो रही है। मेडिलक कॉलेज के डॉक्टर इस रहस्य की परतें खोलने के लिए जुटे हैं

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Ruchi Sharma

Mar 18, 2016

sex problem

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कानपुर.शहर में बढ़ रहे प्रदूषण व खान पान में मिलावट के चलते पुरुषों में स्पर्म की संख्या कम हो रही है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर इस रहस्य की परतें खोलने के लिए जुटे हैं। मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर विकास गुप्ता का कहना है कि कंपू के लोगों की सेहत पर जाम शोर व और प्रदूषण ने चौतरफा हमला बोला है। अगर डॉक्टरों की मानें तो पुरुषों में इसके चलते सेक्स संबंधी दिक्कतें बढ़ी हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने शोध किया है। जिसके तहत कानपुर में सेक्स संबंधी बीमारी का बड़ा कारोबार फैला है।

शोध में हुआ खुलासा, स्पर्म में आई गिरावट

इनफर्टिलिटी प्रभारी डॉक्टर सीमा द्विवेदी ने बताया कि पिछले दिनों कॉलेज में इनफर्टिलिटी के तहत शोध किया गया।जिसमें यह बात सामने आई है कि पुरुषों को सेक्स की बीमारी ने जकड़ लिया है। कई पुरुष आयुर्वेदिक या अन्य के पास जाकर इलाज करा रहे हैं, जबकि उन्हें किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाकर इलाज करवानी चाहिए। मेडिसिन विभाग के शोध में भी यही तथ्य निकलकर सामने आए हैं।

डॉक्टरों ने शोध में पाया है कि प्रदूषण से होने वाले तनाव का असर पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी गिरा रहा है। यह तनाव प्रदूषण और रोजमर्रा जिंदगी से जुड़ा है। हर चीज में मिलावट भी एक गंभीर कारण है।मिलावट भी किसी प्रदूषण से कम खतरनाक नहीं है। डॉक्टरों ने ऐसे मरीज सबसे ज्यादा घंटाघर, परेड़ और बड़ा चौराहे के आसपास रहने वाले हैं। जहां प्रदूषण के साथ शोरगुल अधिक है।

3 सौ करोड़ का दवाओं का कारोबार

शहर के मेडिकल स्टोरों में लोग अनाप शनाप सेक्सवर्द्धक दवाएं खरीद रहे हैं। इसका करोबार 300 करोड़ रुपए से ऊपर है। हर साल लगभग 50 करोड़ रुपए की तो वियाग्रा जिले में बिक रही है। सीएमओ ऑफिस में सिर्फ दो डॉक्टर सेक्सोलाजिस्ट के नाम पर हैं। बड़े बाजार को देखते हुए सैकड़ों दवा कंपनियां तरह-तरह की दवाएं बाजार में बेच रही हैं। वियाग्रा,पैपावरीन, बूटॉक्स का मेडिकल स्टोरों परल डिस्प्ले सबसे पहले होता है। कुछ विदेशी दवाओं के नाम पर देसी दवाएं भी बाजार में हैं। तरह-तरह के अयुर्वेद, युनानी, एलोपैथिक दवाओं की रेंज है, सभी आयू वर्ग के लोग खरीदारी करते हैं।

युवा, जवान और अधेड़ कर रहे प्रयोग

शहर के हैलेट के बाहर 50 से ज्यादा मेडिकल स्टोरों पर सुबह से खरीदार आते हैं। मेडिकल स्टोर संचालक संजीव कुमार ने बताया कि युवा, जवान और अधेड़ बड़ी संख्या में सेक्सवर्द्धक दवाओं की खरीदारी करते हैं। अगर पूरे शहर पर नजर डाले तो 3500 मेडिकल स्टोर पर सेक्सवर्द्धक दवाएं बिक रही हैं। 35 फीसदी युवा इन दवाओं का इस्तमाल कर रहे हैं। 60 फीसदी वियाग्रा की सेल हो रही है। 65 फीसदी महिलाएं बूटॉक्स का प्रयोग कर रही हैं। 25 फीसदी बूटॉक्स का प्रयोग करने वाले 30 से 45 साल के लोग कर रहे हैं।

निसंतानता के पीछे सिर्फ महिलाएं ही जिम्मेदार नहीं होती हैं। टेंशन से पुरुषों की एकाग्रता में कमी आती है। जो सीधे सेक्स को प्रभावित करती हैं।-डॉ. सीमा द्विवेदी, प्रभारी इनफर्टिलिटी

सांल में आक्सीजन भी मिलावटी। पीने का पानी भी साफ नहीं। ऐसे में क्लालिटी आफ लाइफ के बारे में आम आगमी कैसे सोच सकते हैं।- डॉ . विकास गुप्ता, मेडिसिन विभाग हैलेट

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