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मंत्री के साथ अभद्रता पड़ी महंगी, एसएसपी ने थानेदार को किया निलंबित

नाराज मंत्री ने तत्काल थानाध्यक्ष की शिकायत पुलिस के आलाधिकारियों से फोन पर की।

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UP government will do competition with IIT Kanpur for development

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कानुपर। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी पुलिस-प्रशासन के अफसरों को मंत्री व जनप्रतिनिधियों के साथ अच्छा बर्ताव करने के निर्देश दिए थे, बावजूद कुछ अधिकारी पुराने ढर्रे पर काम कर हैं। इसी के तहत बिधून थाने के इंस्पेक्टर ने एक मामले में कैबिनेट मिनिस्टर सतीश महाना के साथ बहेश के साथ अभ्रदता कर दी। मंत्री ने पूरे प्रकरण की जानकारी पुलिस के अलाधिकारियों को दी। मंत्री के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप में कार्यवाहक एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोरव ने तत्काल प्रभाव से दरोगा का सस्पेंड करने के साथ ही मामले की जांच एसपी को सौंपी है।
क्या था मामला
बिधनू थानाक्षेत्र के रहने वाले ग्रामीण रविवार को दरोगा शिव प्रसाद दुबे की शिकायत लेकर मंत्री सतीश महाना के पास लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने मंत्री को दरोगा की करतूत की जानकारी दी, जिस पर सतीश महाना ने थानाध्यक्ष शिव प्रसाद दुबे को फोन मिलाया और उनसे ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण करने को कहा। आरोप है कि मंत्री के फोन पर बात की जानकारी के बावजूद थानाध्यक्ष ने अभद्र भाषा का प्रयोग कर दिया। जिससे नाराज मंत्री ने तत्काल थानाध्यक्ष की शिकायत पुलिस के आलाधिकारियों से फोन पर की। मामले के अधिकारियों के संज्ञान में आते ही कार्यवाहक एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोरव ने अपने स्तर से गुप्त जांच करायी। हालांकि प्राथमिक आधार पर एसओ को दोषी पाते हुए सोमवार को उनका निलम्बन आदेश जारी कर दिया गया।
सीएम के आदेश के बाद कानपुर में पहली कार्रवाई
दो दिन पूर्व प्रदेश सरकार ने जिले के सभी डीएम व एसएसपी को इस आशय का आदेश दिया था कि उनके थाने पर अथवा फोन पर कोई भी विधायक से लेकर मंत्री से सम्मान पूर्वक बात सुने और उन पर कार्यवाही करें। शासन के आदेश को दरोगा ने नहीं माना, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया। एसएसपी ग्रोवर ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए जानकारी दी कि जांच में दरोगा पर लगे आरोप सही पाए गए। इसी के चलते उन पर कार्रवाई की गई है। एसपी साउथ को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच में अगर दरोगा दोषी पाए गए तो उन पर मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।
विवादों से रहा है नाता
निलम्बित एसओ शिव प्रसाद दुबे पहले भी कई विवादों में फसकर निलम्बित हो चुके हैं। इसके पूर्व जब वह थानाध्यक्ष चकेरी थे तो उन पर भू माफियाओं से मिल कर जमीन पर अवैध कब्जे कराना व थाने के अन्दर हवन पूजन के आरोप में निलंबित हुए थे। उससे पूर्व नजीराबाद थाना में भी कुछ दिनों में हटा दिये गये थे। बीते दिनों दीपावली से ठीक एक दिन पूर्व ही उन्हें कल्यानपुर थाने के विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज से थानाध्यक्ष बिधनू बनाया गया था। बिधनू के ग्रामीणों ने इन पर शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं करने का आरोप मंत्री सतीश महाना से लगाए। मंत्री ने जब दरोगा से जवाब मांगा तो वो उनसे भिड़ गए। जिसके बाद मंत्री ने पुलिस के अलाधिकारियों से दरोगा की शिकायत की।