
सीएम की प्रसंसा पर संत को नूर और अली ने बेहरमी से पीटा
कानपुर. सजेती थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव के बाहर बने हनुमान मंदिर के संत की पिटाई के मामले में नया मोड़ आ गया है। स्थानीय लोगों को कहना था कि दो पार्टियों की विचारधारा के चलते गांव के ही एक वर्ग ने संत की पिटाई की, जिसके बात क्षेत्र में तनाव फैल गया। हालांकि, पुलिस ने ट्विटर पर ऐसे किसी भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुजारी ने खुद ही नशे की हालत में दीवार पर अपना सिर पटका, जिससे उन्हें चोट लगी।
दौलतपुर गांव के बाहर एक हनुमान मंदिर है। यहां करीब पिछले 20 सालों से मनोज बाबा नामक एक संत रहते हैं। वह मंदिर में पूजा-पाठ के साथ शाम को मंदिर प्रागंण में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाते हैं। चर्चा के मुताबिक, लोकसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ने पर किसी प्रसंग में संत ने एक पार्टी की प्रशंसा कर दी। इससे नाराज दूसरे पार्टी के समर्थकों ने मंदिर में जाकर संत की पिटाई कर दी। संत ने आरोप लगाया कि पार्टी विशेष का प्रचार करने पर उन्हें पीटा गया, जबकि लोग पुराना विवाद बता रहे हैं।
ग्रामीण रामबाबू निषाद ने बताया कि सुबह जब वह मंदिर गए तब संत को बाहर पड़े देखा। इसकी सूचना ग्रामीणों के साथ पुलिस को दी गयी। ग्रामीणों ने संत को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल मनोज बाबा ने गांव के ही दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी।
पुलिस का बयान
कानपुर नगर पुलिस ने ट्विटर पर आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रात में पुजारी द्वारा नशे की स्थिति में स्वयं को मंदिर पर सिर पटकने से चोट आयी थी, जिन्हें सुबह छुन्ना, सुरेश व रामबाबू द्वारा दवा दिलाने गये थे, लौटते समय रास्ते में झगड़ा हुआ था, जिसमें थाना सजेती पर NCR पंजी. कर धारा 151 CrPC की कार्यवाही की गयी है। अन्य आरोप असत्य हैं।
Updated on:
25 Mar 2019, 3:59 PM IST
Published on:
24 Mar 2019, 1:28 PM IST
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