निखिल एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करके अपने घर का खर्च उठाता था। अपने माता-पिता की जरूरतों को पूरा करता था। लेकिन एक दिन मां ने बेटे निखिल को फोन कर कहा कि जब भी वो खुले में शौच के लिए जाती है, तो गांव के दबंग उसके साथ छेड़छाड़ करते हैं और उसकी आबरु लूटने का प्रयास करते हैं। मां की ये सुनते ही बेटे का दिल और दिमाग काम करना बंद कर देता है। उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वो घर में शौचालय बनवा सके। इसलिए उसने कंपनी मालिक से एडवांस में शौचालय बनवाने के लिए पैसे मांगे, लेकिन कंपनी मालिक ने पैसे देने से इनकार कर दिया।