13 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नौकाबिहार में लाठीचार्ज में सपा नेता की मौत

फूल की किसानी करने वाले किसानों के साथ सपा नेताओं पर ठेकेदार ने पुलिस से लाठीचार्ज करवाया जिसमें आज एक सपा नेता की मौत हो गई है।

3 min read
Google source verification

image

Abhishek Gupta

Jan 31, 2016

कानपुर.
फूलबाग के नौकाबाहार में शनिवार को फूल की किसानी करने
वाले किसानों के साथ सपा नेताओं पर ठेकेदार ने पुलिस से लाठीचार्ज करवाया जिसमें आज एक सपा नेता की
मौत हो गई है।


सपा नेता की मौत की जानकारी जैसे ही सपाइयों को हुई वह
उत्तेजित हो गए और नगर अध्यस की आगवाई में एसएसपी शलभ माथुर के साथ मिलकर आरोपी
पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। महताब आलम
ने बताया कि आज तमाम किसानों को लेकर सीएम से मिलकर नगर निगम और पुलिस
प्रशासन की शिकायत करेंगे। जिस तरह किसानों और सपा के कार्यकर्ताओं पर
पुलिस ने लाठियां बरसाई हैं, उसकी जांच करने के साथ ही आरोप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए सीएम से कहेंगे।


महताब आलम ने बताया कि सवा साल पहले शुरू हुई नौका विहार फूलबाग मंडी कमाई
के चक्कर में शुरू से ही विवादित रही है। एक साल पहले इसे लेकर तत्कालीन
डीएम और तब के नगर आयुक्त में भी टकराव हो गया था। उन्होंने आगे बताया कि फूलबाग फूलमंडी
शासन के निर्देश पर 13 अक्तूबर 2014 को शिवाला फूलमंडी को शिफ्ट करके यहां
शुरू की गई थी। तब की डीएम डॉ. रोशन जैकब ने सीआरएस फंड से गोल्डी मसाले की
तरफ से वहां लाखों की लागत से डीप फ्रीजर भी लगवाया था ताकि फूल खराब न हों।
लेकिन, तब के नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह ने मंडी का विरोध कर दिया था।



क्या था पूरा मामला-

संबंधित खबरें


नगर आयुक्त और डीएम ने हाल ही में फूल मंडी को शिफ्ट करने का आदेश दिया था। किसानों ने इसका विरोध किया और जमकर धरना-प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इससे व्यापार करने में परेशानी होगी और वे भुखमरी की कगार पर आ जाएंगे। नगर निगम की टीम पुलिस बल
के साथ सूचना मिलने पर पहुंची और किसानों को जगह खाली करने के लिए कहा। इस पर फूलमंडी के
अध्यक्ष उमाकांत यादव ने विरोध किया तो पुलिस लाठीचार्ज करने लगी। गुस्साए
किसानों ने रोड जाम कर दिया। काफी समझाने के बाद भी जब वे नहीं माने तो
पुलिस उन्हें पीटने लगी। इस दौरान कुछ दबंग वहां पहुंचे और पुलिस के सामने
ही उमाकांत यादव को जमीन पर गिराकर पीटने लगे। इसके बाद जमकर मारपीट हुई,
जिसमें आधा दर्जन किसान के साथ रामप्रसाद घायल हो गया। हालत गंभीर होने पर
उसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गंगा प्रसाद सपा नगर ईकाई का सचिव था।

ठेकेदार-दबंग मंडी पर करना चाहते कब्जा-

फूलमंडी के
अध्यक्ष उमाकांत यादव का कहना है कि पुलिस और दबंगों ने उनके साथ जमकर
मारपीट की। इसके बाद सभी को पकड़ कर थाने लाया गया। जिन लोगों ने किसानों को
मारा, वे फूलमंडी के ही युवक हैं और वहां कब्जा करना चाहते हैं। वहीं मामले
पर सिटी मजिस्ट्रेट अमर पाल सिंह ने बताया कि मंडी को खाली करने के लिए एक
हफ्ते पहले नोटिस दे दिया गया था, लेकिव यह लोग वहां से हट रहे थे।
इन्हीं लोगों ने पहले हमला किया था, बाद में इनको तितर-बितर करने के लिए
हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। यहां दो पक्ष आपस में भिड़ गए, जिसमें पुलिस
ने एक पक्ष के लोगों को गिरफ्तार कर लिया।


आज सपाई लखनऊ जाकर उठाएंगे मुद्दा-


सपा नेता की मौत और पूर्व पार्षद को हवालात में डालने और शिवपाल सिंह के
फोन के बाद शहर के सपाई हरकत में आ गए। नगर अध्यक्ष मेहताब आलम, नगर सचिव
अरुण सिंह बउआ ठाकुर, संतराज यादव, सुनील महिवाल, सुरेश प्रताप आदि तमाम
नेता और कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए और पुलिस पर अन्याय का आरोप लगाकर
हंगामा किया। इस पर आनन-फानन उमाकांत को जमानत पर छोड़ा गया। सपाइयों ने
रात में ही धरना देने की धमकी दे दी तो अफसरों ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत
किया।