11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सपा नेता के बेटे ने बकरीद पर कहर ढाया, युवकों को बंधक बना दी तालिबानी सजा

बिल्हौर के पूर्व चेयरमैन निर्भय सिंह के बेटे ने वारदात को किया अंजाम, वोट नहीं देने के चलते निकाली खुन्नस

3 min read
Google source verification
sp leader son beaten in three muslim youth in kanpur hindi news

सपा नेता के बेटे ने बकरीद पर कहर ढाया, युवकों को बंधक बना दी तालिबानी सजा

कानपुर। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाहुबलियों, माफियाओं और अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के आदेश पुलिस को दिए हुए हैं, बावजूद सफेदपोश आज भी गरीब और मजबूर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला बिल्हौर थानाक्षेत्र पशु चिकित्सालय के पास छोटी बाजार में सब्जी खरीद रहे तीन सगे भाईयों पर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व चेयरमैन निर्भय सिंह यादव के बेटे आशीष यादव उर्फ चटरू कहर बन कर टूटा। आशीष अपने आधा दर्जन हथियारबंद साथियों के साथ पहले तीनों को बंधक बना लिया और फिर उनके हाथ पैर बांध कर तालिबानी सजा दी। युवकों को लोहे की राड और हॉकी के जरिए पीटा गया और फिर एक के सिर पर गर्म पानी डाल कर जलाया गया। इसी दौरान तीनों पीड़ित बेहोश हो गए तो आरोपी उन्हें वहीं छोड़कर भाग गए। घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची और तीनों को इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया। जहां की हालत नाजुक होने पर डॉक्टर्स ने उसे हैलट रेफर कर दिया।

असलहों के बल पर बनाया बंधक
बिल्हौर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व समाजवादी पार्टी के नेता निर्भय सिंह यादव का क्षेत्र में खासा दबदबा है। निर्भय का बड़ा बेटा आशीष यादव अपने आधा दर्जन हथियारबंद साथियों के साथ छोटी बाजार में एक मकान के बाहर शराब पी रहा था। इसी दौरान बकरीद पर्व पर खरीदारी करने के लिए वारिस, काशिफ और अयान पुत्र मोहम्मद अली बाजार आए थे। इसी दौरान आशीष यादव उन्हें जातिसूचक गालियां देते हुए उन्हें आने का कहा। जिस पर काशिफ ने विरोध किया तो आशीष आग बबूला हो गया और तीनों के सिर पर असलहे तान उन्हें बंधक बना कमरे के अंदर ले गया। फिर उनको बेरहमी से पीटा। आरोपियों ने वारिस के प्राईवेट पार्ट में वार कर उसे बुरी तरह पीट-पीट कर घायल कर दिया। दबंगों की पिटाई से तीनों भाई बेहोश हो गए तो आरोपी मौके से भाग गए।

वोट के चलते दी चोंट
पीड़ितों पिता ने बताया कि पूर्व चेयरमैन निर्भय यादव की बूरे बिल्हौर में आज भी तूती बोलती है। चुनाव के वक्त हमारे वार्ड से निर्भय के खिलाफ वोट पड़े और इसी के चलते वो अक्सर यहां आकर हमसब को धमकाते थे। निर्भय यादव ने यहां का कारोबार और सियासत की जिम्मेदारी आशीष को दे रखी थी। आशीष आएदिन लोगों को दबंगई के बल पर उत्पीड़न करता है। पुलिस से कईबार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बताया कि आशीष उर्फ चटरू हमारे परिवार से खौर खाए थे। उसे किसी ने बताया होगा कि चुनाव के वक्त हम इनके पिता के वजाए दूसरे कैंडीडेट को वोट दिया है। इसी के बाद वो हमलोगों को परेशान करता, रहता था। आरोपी हमारे भाई को अपशब्द बक रहा था और विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा।

निर्भय को मिली थी करारी हार
बिल्हौर नगर पालिका में 30 वर्षीय निर्दलीय मो. शादाब ने जीत दर्ज की थी। शादाब ने समाजवादी पार्टी के नेता व तीन बार के नगर पालिका अध्यक्ष निर्भय सिंह को हराया था। शादाब के चेहरमैन चुने जाने के बाद निर्भय यादव व उनके समर्थक मुस्लिम समाज के लोगों पर हाथ कर ठीकरा मढ़ते हुए उनका उत्पीड़न करने लगे। मोहम्मद अली ने बताया कि निर्भय यादव के भाई स्व चौधरी नाहर सिंह की लोक रिसपेक्ट करते थे और उन्होंने वो यहां के जनप्रिय नेता थे। उनके निधन के बाद निभर्य सिंह यादव ने कुर्सी संभाल ली और मुलायम व अखिलेश सरकार के दौरान गैर कानूनी तरीके से जमकर पैसा कमाया। यूपी के सीएम अखिलेश यादव थे और 2013 में चौधरी नाहर सिंह यादव के निधन के बाद सपा नगर-ग्रामीण जिला इकाई की कुरसी पर उनके छोटे भाई चौधरी निर्भय सिंह यादव को बैठाया था।

जहरीली शराब कांड में आ चुका है नाम
मोहम्मद अली ने बताया कि सपा के पूर्व विधायक रामस्वरूप यादव और निर्भय सिंह यादव के बीच परिवारिक रिश्ते हैं। तीन माह पहले नगर व देहात में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इस कांड में पूर्व विधाक के पौत्र व जिला पंचायत सदस्य नीरज सिंह और उसके भाई विनय सिंह का नाम सामने आया था। दोनों आरोपी जेल के अंदर हैं। उस वक्त इनके साथ ही निर्भय सिंह के बेटे आशीष का नाम भी सामने आया था। लेकिन योगी सरकार में पकड़ होने के चलते आशीष बच गया। मोहम्मद अली ने बताया कि पुलिस ने पहले एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। लेकिन मामना बढ़ता देख फिर तहरीर लेकर बेटे को मेडिकल के लिए भेजा। मामले पर बिल्हौर इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि पीड़ितो की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जल्द ही सभी की गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।