धोखाधड़ी व जालसाजी के मामले में कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए गए सपा नेता व पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर और बेटे ने बुधवार एसीएमएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने अभियुक्तगणों द्वारा दी गई जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया। जिसके बाद उनके जेल जाने की संभावना बन गई। लेकिन एडीजे की कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए 11 जनवरी की मामले की अगली तारीख दी है।
नौबस्ता में रूप रानी सुखनन्दन महाविद्यालय की जमीन धोखाधड़ी कर कब्जाने के मामले में आर्यनगर निवासी संतोष मल्होत्रा ने 2008 में मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट ने सपा नेता व पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर व उनके बेटे अमित सिंह 420,467,468,471 आईपीसी की धाराओं में दर्ज मुकदमे की तारीखों पर हाजिर नहीं हुए। जिसके बाद कोर्ट ने उन पर 82 की कार्यवाही करते हुए भगोड़ा घोषित कर दिया था।
लगातार कोर्ट के बढ़ते दबाव के चलते बुधवार को सुबह सपा नेता बेटे समेत धोखाधड़ी के सात साल पुराने मामले में एसीएमएम प्रथम पीबी जयंत की कोर्ट में हाजिर हुए। सरेंडर के साथ ही बचाव पक्ष के अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह चौहान द्वारा उनकी जमानत अर्जी दी गई। लेकिन कोर्ट ने सेशन ट्रायल के चलते उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट का फैसला आते ही कटघरे में खड़े सपा नेता व उनके बेटे के माथे पर पसीना आ गया। जिसके बाद उनके जेल जाने की नौबत आ खड़ी हुई। लेकिन आनन-फानन बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एडीजे प्रथम की कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की। जिस पर दोपहर बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों के बाद कोर्ट ने सपा नेता व उनके बेटे की अंतरिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। जिसके बाद सपा नेता व कोर्ट के बाहर उनके समर्थकों के चेहरे पर खुशी झलक पड़ी।
शहर से नहीं जा सकेंगे बाहर
सशर्त जमानत देते हुए सपा नेता व उनके बेटे को शहर से बाहर जाने पर कोर्ट ने रोक लगाई है। कोर्ट ने कहा कि किसी विशेष कार्य को लेकर अगर जनपद से बाहर जाना हो तो कोर्ट की इजाजत लेनी होगी।