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पटना गर्ल्स हॉस्टल केस: 15 संदिग्धों से मैच कराया जाएगा NEET छात्रा पर मिला DNA, भाई, मामा और पिता का भी लिया गया सैंपल

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस में दरिंदगी की पुष्टि होने के बाद, जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। अपराधी की पहचान करने के लिए 15 संदिग्धों की एक लिस्ट तैयार की गई है। इन सभी का DNA टेस्ट किया जाएगा और नतीजों की तुलना पीड़िता के कपड़ों पर मिले सीमेन से की जाएगी।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 26, 2026

NEET Student Rape-Death Case | पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर खड़ी पुलिस (फ़ोटो- पत्रिका)

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच अहम मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर सीमेन के निशान मिलने के बाद यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। इसके बाद राज्य अपराध जांच विभाग (CID) ने मामला अपने हाथ में ले लिया है और जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के साथ मिलकर जांच कर रही है। वहीं FSL ने अभी तक इस मामले में लड़की की मां-पिता, मामा और भाई का DNA सैंपल कलेक्ट किया है।

15 संदिग्धों की लिस्ट, DNA मैचिंग की जाएगी

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, छात्रा के कपड़ों पर मिले सीमेन से DNA प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। इस प्रोफाइल से मैचिंग के लिए 15 संदिग्धों की एक लिस्ट बनाई गई है। इस लिस्ट में हॉस्टल मालिक मनीष रंजन और वे लोग शामिल हैं जिनसे छात्रा ने अपने मोबाइल फोन पर लंबी बातचीत की थी। पुलिस ने छात्रा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मिलने के बाद इन लोगों को शॉर्टलिस्ट किया है।

इन सभी संदिग्धों से DNA सैंपल लिए जाएंगे और FSL रिपोर्ट से मैच किए जाएंगे। माना जा रहा है कि DNA रिपोर्ट से मामले में बड़ी सफलता मिलेगी और दोषियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। इधर छात्रा के पिता ने परिजनों का ही DNA सैंपल कलेक्ट किए जाने पर सवाल उठाए हैं।

FSL रिपोर्ट के बाद CID की एंट्री

FSL रिपोर्ट जारी होने के बाद CID की एक टीम, FSL डायरेक्टर विपिन कुमार चौधरी और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के अधिकारियों के साथ मिलकर मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। करीब दो घंटे तक चली जांच में बिल्डिंग के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई, ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक। हॉस्टल के कमरों, सीढ़ियों, गलियारों और आसपास के इलाकों की तलाशी ली गई।

SIT के सदस्यों ने भी CID और FSL टीमों को जांच में मदद की। टीम ने उन सभी जगहों का मुआयना किया जहां से पहले CCTV फुटेज इकट्ठा किए गए थे। उन्होंने हॉस्टल के पास कॉमर्स कॉलेज के पास होटल वाली गली में भी तलाशी ली। जांच के बाद टीम ने चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन में एक लंबी मीटिंग की।

SIT से CID ने ली रिपोर्ट

अब तक इस मामले की जांच SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) कर रही थी, लेकिन बढ़ते दबाव और गंभीर खुलासों के बाद CID (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) भी एक्टिव हो गई है। CID अधिकारियों ने SIT से अब तक की गई जांच की पूरी जानकारी, सबूत और रिपोर्ट सहित हासिल कर ली है। हालांकि, CID टीम और FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) के डायरेक्टर ने जांच के दौरान मीडिया से बात करने से मना कर दिया है।

छात्राओं का सामान लौटाया गया

चल रही जांच के कारण शंभू गर्ल्स हॉस्टल को सील कर दिया गया था। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं के कमरे बंद थे और उनके जरूरी दस्तावेज, मार्कशीट, कपड़े और दूसरा सामान अंदर फंसा हुआ था। पिछले 15 दिनों से छात्राएं और उनके माता-पिता परेशान थे।

रविवार को एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हॉस्टल का मुख्य गेट खोला गया। इसके बाद, एक-एक करके सभी कमरे खोले गए और छात्राओं को उनका सामान दिया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई।

पिता ने जांच पर सवाल उठाए

पीड़िता के पिता ने SIT की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस हत्यारों को ढूंढने के बजाय परिवार के सदस्यों पर शक कर रही है। उन्होंने कहा कि SIT तीन से ज़्यादा बार उनके घर आ चुकी है, बार-बार वही सवाल पूछ रही है, जिससे परिवार मानसिक रूप से टूट गया है। पिता ने कहा कि उनकी बेटी के साथ एक जघन्य अपराध किया गया और उसकी हत्या कर दी गई, और दोषियों को मौत की सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाएंगे। SIT जांच से असंतुष्ट होकर, पिता ने सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज से न्यायिक जांच की मांग की है।

टाइमलाइन से समझें कब क्या हुआ

  • 5 जनवरी: छात्रा जहानाबाद में अपने घर से शंभू गर्ल्स हॉस्टल लौटी
  • 6 जनवरी: तबीयत बिगड़ी, पहले सहज सर्जरी फिर प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती
  • 9 जनवरी: मेदांता अस्पताल में भर्ती
  • 11 जनवरी: इलाज के दौरान मौत
  • 12 जनवरी: पोस्टमार्टम हुआ, शव परिजनों को सौंपा गया
  • 13 जनवरी: परिजनों ने कारगिल चौक पर हंगामा किया, केस दर्ज
  • 15 जनवरी : पुलिस ने मानी सेक्सुअल असॉल्ट की बात
  • 16 जनवरी: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका, SIT का गठन
  • 17 जनवरी: SIT का गठन, हॉस्टल का कमरा सील
  • 18 जनवरी: डॉक्टर की सुरक्षा के लिए IMA ने DGP को पत्र लिखा
  • 19 जनवरी : SIT ने छात्रा के परिजनों से तीसरी बार की पूछताछ
  • 24 जनवरी: FSL रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि, दो पुलिसकर्मी निलंबित
  • 25 जनवरी: CID ने जांच की कमान संभाली