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पटना गर्ल्स हॉस्टल कांड: SIT से नाराज सम्राट चौधरी? DGP से SSP तक सबको बुलाया

बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की छात्रा की संदिग्ध मौत और कथित रेप के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। जांच से नाराज गृह मंत्री ने राज्य के टॉप पुलिस अधिकारियों को बुलाया और करीब 45 मिनट तक उनकी जमकर क्लास लगाई।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 25, 2026

Samrat Chaudhary

बिहार डिप्टी CM सम्राट चौधरी (IANS)

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अब सरकार सीधे एक्शन में दिख रही है। रविवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस मुख्यालय और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के टॉप अधिकारियों को अपने सरकारी आवास पर बुलाया। सूत्रों के मुताबिक, करीब 45 मिनट तक चली इस हाई-लेवल मीटिंग में गृह मंत्री ने अब तक की जांच की प्रगति, सामने आए तथ्यों और आगे की कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी।

DGP से लेकर SIT तक को बुलाया

NEET छात्रा की मौत के मामले में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जिन अधिकारियों को बुलाया, उनमें DGP विनय कुमार, ADG CID, IG पटना, SSP पटना और पूरी SIT टीम शामिल थी। सभी अधिकारी गृह मंत्री के सरकारी आवास पर पहुंचे और जांच के हर पहलू पर रिपोर्ट सौंपी। गृह मंत्री ने अधिकारियों से जानना चाहा कि आठ दिन बीत जाने के बाद भी जांच किसी ठोस नतीजे पर क्यों नहीं पहुंची है। उन्होंने शुरुआती जांच में हुई कमियों और देरी, और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

इस मामले में पुलिस के कामकाज पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। शंभू गर्ल्स हॉस्टल घटना में लापरवाही के आरोपों के बाद, चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन की ऑफिसर रोशनी कुमारी और कदमकुआं पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर हेमंत झा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इन सस्पेंशन से साफ है कि सरकार अब इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। माना जा रहा है कि अगर SIT की जांच में और खामियां सामने आईं, तो और भी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

जांच में CID की एंट्री

अब इस रेप-मर्डर केस की जांच में CID की भी एंट्री हो गई है। रविवार सुबह CID की टीम शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची और करीब दो घंटे तक घटनास्थल की जांच की। हालांकि, CID अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार, CID अब पुलिस की शुरुआती कार्रवाई, सबूतों को संभालने के तरीके और हॉस्पिटल से जुड़े पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

पुलिस ने अब तक क्या किया?

मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने छात्रा का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया, जिसकी वीडियोग्राफी भी की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में संघर्ष के निशान और यौन उत्पीड़न के मेडिकल संकेत मिले, जिससे यह मामला सामने आया। जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, दूसरी राय के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट AIIMS भेजी गई। पुलिस का दावा है कि एक्सपर्ट की राय मिलने के बाद ही किसी आखिरी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।

इसके अलावा, शंभू गर्ल्स हॉस्टल के वार्डन और स्टाफ से भी पूछताछ की गई है। उनसे छात्रा के बारे में और जब उसे अस्पताल ले जाया गया था, तब कौन-कौन मौजूद था, इस बारे में भी पूछताछ की गई है। इन सभी मामलों पर बयान दर्ज किए गए हैं। हॉस्टल संचालक को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और दूसरे टेक्निकल सबूतों की भी जांच की जा रही है।

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