11 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अखिलेश के विधायक ने सीएम को दी सलाह, यूपी की बागडोर छोड़ मंदिर में करें पूजा-पाठ

दरोगा की हत्या के बाद सपाई आग बबूला, गांधी प्रतिमा के पास किया प्रदर्शन

3 min read
Google source verification
sp mla says cm yogi is failed on law and order and all fronts

अखिलेश के विधायक ने सीएम को दी सलाह, यूपी की बागडोर छोड़ मंदिर में करें पूजा-पाठ

कानपुर। घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के सजेती थाने के अंदर सोमवार की रात एक दरोगा की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस हत्यारोपियों को पकड़़ने के लिए हाथ-पैर चला रही है, वहीं अब विरोधी दल के नेताओं ने बड़ रहे अपराधों पर योगी सरकार पर हल्लाबोल दिया है। शुक्रवार को सैकड़ों सपा कार्यकर्ता फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा के पास ं एकत्र हुए और आर्यनगर से विधायक अमिताभ बाजपेयी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के साथ ही मृतक के परिजनों को 50 लाख के मुआवजे की मांग की। विधायक अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि पिछले एक साल से यूपी में अपराधियों का राज है। आमजन जहां शिकार हो रहे हैं तो अब खाकी पर भी प्रहार होने लगे हैं। यदि सीएम योगी आदित्यनाथ से सत्ता नहीं संभल रही तो इस्तीफा देकर पूजा-पाठ करें।
क्यों सपाई हुए आग बबूला
पिछले एक साल से कानपुर व आसपास के क्षेत्रों में अपराधियों के आगे पुलिस सरेंडर किए हुए हैं। मंगलवार को सीएम प्लेन को हरी झंडी दिखाकर उसे रवाना कर रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ बदमाश दिनदहाड़े टैम्पों चालक को गोली से भून डाला। शाम के वक्त सजेती से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां थाने के अंदर दरोगा पच्चा लाल का शव क्षत-विपक्षत हालात में पड़ा था। सूचना मिलते ही अलाधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी अखिलेश कुमार ने क्राइम ब्रान्च के अलावा पुलिस की कई टीमें लगा दीं। लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक आरोपी नहीं लगे। इसी के चलते अब सपा कार्यकर्ता योगी सरकार व उनके अफसरों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है।
खाकी ही सुरक्षित नहीं मुख्यमंत्री जी
विधायक अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि सत्ता में आने के बाद खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उनके मंत्री अपनी सभाओं में कहते थे कि सपा के लोग हैं जो अपराध कर रहे हैं। पर 365 दिन का कार्यकाल पूरा कर लेने के बाद सीएम बताएं कि उन्होंने कितने सपा से जुड़े अपराधियों को अरेस्ट कर जेल भेजा। हां भाजपा के कार्यकर्ता जरूर खुन्नस के चलते सपाजवादियों को फर्जी मुकदमे दर्ज कर जेल भिजवा रहे हैं। विधायक ने कहा कि पूरे प्रदेश में भय और डर का वातारवण हैं। महिलाएं, बेटियां शाम होते ही घर पर दुबकने को मजबूर हैं, तो आमशहरी आएदिन अपराधियों का शिकार हो रहे हैं। सीएम योगी की पुलिस अपराधियों के सामने सरेंडर कर चुकी है। अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़क से लेकर संसद तक सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
जनता के सवालों से बचने हैं सीएम
विधायक ने कहा कि पिछले एक साल में दर्जनों बार कानपुर के दौरा सीएम योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं, लेकिन वो जनता के सवालों से बचने के लिए मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। गंगा की आरती, गंगा के किनारे पौधरोपड़ और गंगा को निर्मल बनाने के कई वादे किए पर इनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। सुना है कि कानपुर में डिफेंस कॉरीडोर बनाया जाएगा, लेकिन केंद्र व यूपी सरकार ने अभी तक तारीख नहीं बताई। झूठ के दम पर सत्ता पर आई भाजपा की अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 2022 में फिर से यूपी में अखिलेश सरकार आएगी और सही में सबका विकास करेगी और प्रदेश को अपराध और अपराधियों से मुक्त कराएगी। विधायक ने कहा कि अपराध नहीं रूके तो सपा के लोग शांत नहीं बैठेंगे। जनता के साथ कंघे से कंधा मिलाकर योगी सरकार को हटा कर दम लेंगे।
इन्हें भगवान श्रीराम भी नहीं बचा पाएंगे
विधायक ने कहा कि जब भी चुनाव आता है तो उन्हें भगवान राम याद आने लगते हैं, पर अब श्रीराम भी इनकी मदद नहीं करने वाले। क्योंकि वो सच्चाई का साथ देते हैं। जब समाजवादी पार्टी की सरकार यूपी में थी तब भाजपा के नेता थानों का घेराव कर अखिलेश सरकार को बदनाम करते। विधायक ने जिले के पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि वह इमानदारी से जनता की सेवा करें और अपराध के खात्में के लिए सही कदम उठाएं। इस मौके पर ं चंद्रेश सिंह, नीरज सिंह, मो. हसन रूमी, अंबर त्रिवेदी, कुतुबुद्दीन मंसूरी, अशोक केसरवानी, वरूण यादव पार्षद- मोनू गुप्ता, बबलू मेहरोत्रा, उमर शरीफ पूर्व पार्षद- हरीओम पांडेय, मो. सारिया, साथी सर्वेश यादव, संजय यादव, गगनदीप, सुभाष द्विवेदी, कुलदीप यादव, अभिमन्यु गुप्ता, आदित्य त्रिपाठी,संतोष पांडेय, सौरभ, विकास गुप्ता, आदि लोग मौजूद थे।