
दरोगा की बेहरमी से कर दी हत्या, चाकू से पूरे शरीर को गोद डाला
कानपुर। उत्तर प्रदेश में अपराधी बेलगाम हैं तो वही पुलिस उनके आगे सरेंडर कर चुकी है। अपराधी जहां आमजन को अपना शिकार बना रहे हैं तो अब खाकी को भी नहीं बख्श रहे। ऐसा ही एक मामला सजेती थानाक्षेत्र में सामने आया। यहां एक दरोगा की उनके आवास पर चाकुओं से गोद कर निर्मम हत्या कर दी गई। शव 24 घंटे से ज्यादा तक कमरे में पड़ा रहा। मंगलवार की देरशाम जब सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम से ड्यूटी पूरी कर मुंशी दरोगा से मिलने के लिए उनके घर गया तो शव देख उसके पैरों के तले से जमीन खिसक गई। उसने अलाधिकारियों को जानकारी दी। आईजी रेंज, एसएसपी अखिलेश कुमार पुलिस फोर्स के फारेंसिक टी मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू कर दी है।
24 घंटे तक शव कमरे में पड़ा रहा
सीतापुर के थाना मानपुरा स्थित रामकुंड के निवासी पच्चा लाल गौतम (58) सजेती थाने में दरोगा थे। उनका ट्रांसफर इटावा हो चुका थ, लेकिन उन्होंने अभी वहां चार्ज न लेते हुए सजेती में ड्यूटी कर रहे थे। मुख्यमंत्री का अहिरवां एयरपोर्ट पर मंगलवार को कार्यक्रम होने के कारण थाने में पुलिसकर्मी बहुत कम रह गए थे। उनके रिटायरमेंट में डेढ़ वर्ष शेष रहने के कारण उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। मंगलवार शाम साढ़े छह बजे जब थाने के मुंशी अजय पाल परिसर स्थित उनके आवास में पहुंचे तो लाश देखकर दंग रह गए। पच्चा लाल की नृशंस हत्या की गई थी। सूचना पर एसएसपी अखिलेश कुमार और एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह फोरेंसिक टीम के साथ थाने पहुंचे। बाद में आईजी आलोक सिंह भी पहुंच गए। कमरे को घेरा बनाकर पड़ताल शुरू कर दी गई। एसएसपी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दर्दनाक मौत, शरीर पर सैकड़ों घाव
आरोपियों ने दरोगा पच्चा लाल की बहुत निर्मम हत्या की है। आरोपियों ने उनके शरीर पर चाकुओं से सौ से ज्यादा वार किए थे। पूरे शरीर में गहरे घाव थे। इसमें उनकी आंतें तक बाहर आ गईं थीं। गले पर भी चाकुओं से गोदे जाने के दो गहरे जख्म थे। थाने में तैनान कोई भी पुलिसकर्मी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। मुंशी ने इतना जरूर बताया कि दरोगा बहुत मिलन सार थे और कभी उनका थाने के अंदर अपने बड़े अफसरों के अलावा अन्य पुलिसकर्मियों से विवाद नहीं हुआ। मुंशी ने बताया कि सोमवार की सुबह तो दरोगा दिखे थे। इसके बाद थाने के सभी पुलिसवालों की ड्यूटी सीएम के कार्यक्रम में लगा दी गई थी। रिटायर्डमेंट नजदीक होने के चलते उन्हें थाने में ड्यूटी सौंपी गई थी।
चल रहा था कूलर, तश्त में पड़ा था शव
दरोगा क्षत-विक्षप्त शव तख्त में पड़ा था। शरीर में अंडरवियर था। उसमें चाकुओं के निशान थे। कमरे के अंदर कूलर और टीवी चल रहा था। पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपियों की पहचान दरोगा बच्चा से होगी और वह पहले कमरे में बैठे होंगे और फिर वारदात को अंजाम दिया होगा। पुलिस हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए सभी एंगल से जांच कर रही है। पुलिस को कमरे से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में एक टीम हरदोई के लिए गई है। साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। खोजी कुत्तो के जरिए भी पुलिस ने जांच की, पर सुराग हाथ नहीं लगे। वहीं पुलिसवालों की मानें तो हत्या शातिर अपराधियों ने की है। वह भलीभांति जानते थे के दरोगा कमरे में अकेले हैं और इसी का फाएदा उठाकर हत्याकांड को अंजाम दे डाला।
शादीशुदा होने के बाद भी किया प्रेमविवाह
एसपी ग्रामीण ने बताया कि पच्चा लाल यहां से पहले हरदोई में तैनात थे जहां उन्होंने एक महिला से प्रेम विवाह किया था। एसपी ग्रामीण के मुताबिक उस शादी से दो बेटियां थीं। इस परिवार को उन्होंने कानपुर शहर में रखा हुआ था जबकि पहली शादी का परिवार सीतापुर स्थित गांव में रह रहा था। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में हत्या की यह कड़ी हरदोई और सीतापुर से जुड़ी हुई लगती है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पच्चा लाल को सोमवार की रात दस बजे मोबाइल पर किसी से बात करते देखा गया था। उसके बाद से उनका अता-पता नहीं था। अब तब से उन्होंने ड्यूटी क्यों नहीं की और ड्यूटी पर क्यों नहीं लगाया गया इस सवाल की भी जांच हो रही है। थाना परिसर में घटी इस वारदात को लेकर तमाम और सवाल खड़े हो गए हैं।
Published on:
4 Jul 2018, 12:38 AM IST
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