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हप्पू और बद्दू को देख घबराया बाहुबली, जेल के अंदर रतजगा कर रहा राठी

मुन्ना बजरंगी के गैंग के हैं दोनों सदस्य, जानकारी होने पर जिला प्रशासन दूसरी बैरक में किया शिफ्ट

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sunil rathi wrote a letter said riskl of being alive in administration

हप्पू और बद्दू को देख घबराया बाहुबली, जेल के अंदर रतजगा कर रहा राठी

कानपुर। मुन्ना बजरंगी का हत्यारोपी माफिया डॉन सुनील राठी फतेहगढ़ जेल में बंद है। जेल प्रशासन ने उसकी सुरक्षा में पीएसी को लगाया हुआ है। बावजूद उसने अपनी जान का खतरा बताकर उसे दूसरी जेल में शिफ्ठ करने की गुहार लगा चुका है। फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में पूर्वान्चल के अलावा कानपुर के कई कुख्यात अपराधी बंद हैं और इनमें से कई मुन्ना बजरंगी के शार्प शूटर के अलावा डी गैंग के गुर्गे भी सजा काट रहे हैं। लेकिन मंगलवार को बैरक के बाहर से राठी की नजर जैसे ही अपने जानी दुश्मन अजीत कुमार उर्फ हप्पू और बदन सिंह उर्फ बद्दू पर पड़ी तो वो डर के चलते पूरी रात जाग कर काट रहा है। सूत्रों की मानें तो दोनों ने राठी को बाहर से अपशब्द भी कहे। शिकायत पर जेल प्रशासन ने राटी के आसपास की बैरकों से बड़े अपराधियों को दूसरी बैरक में भेज दिया।
सुरक्षा के चलते पीएसी तैनात
भाजपा विधायक कृष्णानंद राय के हत्यारोपित मुन्ना बजरंगी को विगत सप्ताह बागपत जेल में हत्या करने वाले पश्चिमी उप्र के कुख्यात माफिया सुनील राठी को यहां सेंट्रल जेल फतेहगढ़ में लाए जाने के बाद से ही जेल और जेल के बाहर माहौल गर्म है। इसी जेल में पूर्वांचल के माफिया सुभाष ठाकुर के अलावा सुनील राठी के जानी दुश्मन अजीत कुमार उर्फ हप्पू और बदन सिह उर्फ बद्दू जैसे कुख्यात अपराधी भी पहले से बंद हैं। छोटा राजन गैंग के भी कई गुर्गे यहीं पर हैं। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से बड़े अपराधियों को हाई सिक्योरिटी जेल में रखा है, फिर भी जेल प्रशासन हर समय हाईअलर्ट पर है। वहीं हप्पू औी बद्दू को देख सुनील राठी खासा परेशान है और अपनी जान का खतरा बता दूसरी जेल में भेजने की फरियाद जेल प्रशासन से लगा रहा है। जिस पर जेल की तरफ से उसे कड़ी सुरक्षा मुहैया करा दी गई है। 13 जेल पुलिस के जवानों के अलावा पीएसी के जवान 24 घंटे उसकी निगरानी कर रहे हैं।
27314 कैदी नबंर बना राठी
शार्प शूटर मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल में गोलियों से भूनने का आरोपित सुनील राठी अब सेंट्रल जेल का कैदी नंबर 27314 है। जेल गेट पर तलाशी, मेडिकल परीक्षण और जेल का जामा पहनाए जाने के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया। उसे सामान्य कैदियों की तरह भोजन दिया गया। बागपत से यहां भेजे गए रिकार्ड के अनुसार सुनील राठी पर मुन्ना बजरंगी की हत्या सहित कुल 18 मुकदमे दर्ज हैं। दो में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। अन्य मुकदमे विचाराधीन हैं। सुनील राठी की हाई सिक्योरिटी सेल की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में तैनाती के लिए बंदी रक्षकों व हेड-वार्डनों की तैनाती स्क्रीनिंग के बाद की गई। सेंट्रल जेल के प्रभारी अधीक्षक विजय विक्रम सिह ने बताया कि पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के चलते जेल प्रशासन पूरी तरह आश्वस्त है।
दूसरी जेल में शिफ्ट की लगाए है रट
सुनील राठी ने रविवार को अपनी जान का खतरा बताकर जेल प्रशासन को पत्र लिखा है। जेल सूत्रों के मुताबिक पत्र में उसने लिखा है कि सेंट्रल जेल में उसके कई पुराने दुश्मन पहले से निरुद्ध हैं। उसे किसी अन्य जेल में भेजा जाए। जेल प्रशासन ने पत्र को कार्यवाही के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा है। इस बाबत पूछे जाने पर प्रभारी जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि वह इस संबंध में कुछ नहीं बता सकते। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जानकारी दी जाएगी। सूत्र बताते हैं कि जब भी जेल के अलाधिकारी उसकी बैरक में आते हैं तो वो उनसे बड़ी सलीनता के साथ पेश आता है और हर बार यही कहता है कि उसकी जान को खतरा है, इसलिए कानपुर, उन्नाव सहित अन्य दूसरी जेल में उसे शिफ्ट किया जाए। एक सप्ताह के दौरान उससे गिनती के लोग से ही मिलने आए। अधिकतर समय वो अपनी बैरक के अंदर गुजारता है। उसके साथ कुछ बंदी रखे गए हैं, जिनके साथ राठी आयाराम-गयाराम की दुनिया के किस्से सुना कर दिन गुजार रहा है।
एक नहीं कई दुश्मन हैं बंद
फतेहगढ़ जेल में पूर्वान्चल के साथ्र ही कानपुर के कई शार्प शूटर सजा काट रहे हैं। इनमे ंसे अधिकतर मुन्ना बजरंगी और मुख्तार अंसारी के करीबी हैं। लोगों की मानें तो मुन्ना के जेल जाने के बाद राटी ने पूर्वान्चल में अपनी सल्तनत खड़ी करने के लिए बजरंगी के गुर्गो को पुलिस के जरिए गिरफ्तार करवाया। कभी मुन्ना के लिए काम करने वाले हप्पू और बद्दू भी राठी के चलते जेल के पीछे पहुंचे। सूत्रों की मानें तो राठी को सबसे ज्यादा इन्हीं दो अपराधियों से ज्यादा खतरा है और इसी के कारण दोनों को एक अगल बैरक में रखा गया है। राठी के खाने से पहले उसकी चार बार जांच की जाती है। जो सुरक्षाकर्मी बैरक के अंदर भेजन लेकर जाता है पहले उसे वो खाना चखना पड़ता है और फिर डॉन जेल की चपाती से अपना पट भरता है।