
कानपुर की पहचान बनने जा रहा यह निर्माण, कुतुबमीनार से भी ऊंचा
कानपुर. दिल्ली के कुतुब मीनार से भी ऊंचा निर्माण कानपुर में थर्मल पावर हाउस पनकी में बन रहा है। जो लगभग तैयार है। आधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक से बन रही यह यूनिट 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगी। गौरतलब है कानपुर पनकी पावर हाउस का पुराना पावर प्लांट काफी जर्जर हो चुका था और बिजली की लागत भी काफी अधिक आ रही थी। जिस कारण इसे बंद करने की योजना थी। जिसे देखते हुए लगभग 5 वर्ष पहले आधुनिक तकनीक से नया पावर प्लांट बनाने का निर्णय लिया गया था। उल्लेखनीीय है देश मेंं सबसे ऊंची बिल्डिंग कोलकाता के चौरंगी में स्थित है। 'द 42' के नाम से विख्यात 65 मंजिला इमारत की ऊंचाई 268 मीटर है।
275 मीटर के साथ सबसे ऊंचा निर्माण
नई यूनिट की चिमनी की ऊंचाई 275 मीटर की होगी। जबकि कुतुबमीनार की ऊंचाई 73 मीटर है। नई यूनिट में बनने वाली चिमनी का बेस बनकर तैयार हो चुका है। आगामी मई महीने में ट्रायल होने होने की संभावना बताई जा रही है। उल्लेखनीय है पनकी में 660 मेगावाट के नए थर्मल पावर यूनिट का निर्माण बीएचईएल कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। इस संबंध में पावर हाउस के महाप्रबंधक वीपी कटियार ने बताया कि चिमनी बनकर तैयार हो गई है। बायलर का काम चल रहा है। ₹5817 करोड की लागत से बनने वाले नई यूनिट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। जिसे जनवरी 2022 में लोकार्पण करने की योजना है। यह यूनिट आधुनिक सुपर क्रिटिकल तकनीक से बन रही है। 660 मेगावाट पनकी पावर हाउस के तैयार होने के बाद बिजली की समस्या खत्म हो जाएगी।
Updated on:
25 Dec 2020 11:06 am
Published on:
25 Dec 2020 10:31 am
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