
घोटाला : फर्जी राशन कार्डों से उड़ा लिया कुंतलों राशन
कानपुर। प्रदेश सहित कानपुर में उजागर हुए राशन घोटाले में अब एक नया खेल सामने आया है. यह पूरा घोटाला सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया. इसमें उन राशन कार्डों का प्रयोग किया गया, जो फर्जी तरीके से बनाए गए थे. खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने अब ऐसे राशन कार्डों की जांच शुरू कर दी है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस घोटाले में लगभग 3,000 फर्जी राशन कार्डों का प्रयोग किया गया. इसमें ऐसे लोगों को भी तलाशा जा रहा है, जिनके राशन कार्ड के जरिए खाद्यान्न आधार आईडी बदलकर निकाला गया.
हुई पूछताछ भी
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब इस बात पर भी वर्कआउट किया जा रहा है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में राशन कार्ड से राशन निकाला गया, तो राशन कार्डधारकों ने कोटेदार से राशन क्यों नहीं मांगा, या इसकी अधिकारियों से शिकायत क्यों नहीं की. डीएसओ के मुताबिक ऐसे राशन कार्डधारकों का डाटा निकाला जा रहा है. सभी से पूछताछ की जाएगी.
खड़े हुए ढेरों सवाल
साल 2017-18 में राशन कार्ड को आधार आईडी से जोड़े जाने का कार्य शुरू किया गया. इसमें विभाग को कानपुर में लगभग 2.5 लाख राशन कार्ड फर्जी मिले थे. अब यही फर्जी राशन कार्ड बड़ी संख्या में घोटाले में शामिल पाए गए हैं. इनके जरिए बड़े पैमाने पर हर महीने राशन निकाला जाता रहा.
ऐसे निकाला गया राशन
राशन घोटाले में पकड़े गए 17 आधार कार्डों की जांच में 3 आधार कार्ड फर्जी पते पर पाए गए. इन 3 आधार कार्डों से कोतवाली खाद्य क्षेत्र में सबसे ज्यादा 600 बार राशन निकाला गया. पुलिस ने अब 3 लोगों की तलाश तेज कर दी है. फर्जी पतों पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वहां से न तो कोई क्लू मिला और न ही कोई गिरफ्त में आया. वहीं पुलिस ने यूआईडीएआई को 17 आधार नंबरों का ब्यौरा मांगा है. साथ ही यह भी मांगा गया है कि पता आधार आईडी में पता कहां से बदला गया.
ऐसा बताया पुलिस ने
पुलिस के मुताबिक आधार कार्ड की डिटेल आने के बाद कई लोगों तक पहुंचा जा सकता है. फिलहाल पुलिस यूआईडीएआई से रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है. डीएसओ अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि 42 कोटेदारों को निलंबित कर दिया गया है. प्रक्रिया के तहत कोटेदारों को जवाब देने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया है. अगर जवाब नहीं दिया जाता है तो राशन दुकानों को निरस्त कर उनकी जगह नए कोटेदार नियुक्त किए जाएंगे. वहीं खाद्य आपूर्ति विभा अब उन लोगों का डाटा जुटा रहा है, जो लोग इससे प्रभावित हुए हैं इसके साथ ही फर्जी तरीके से कितना राशन जुटाया गया इसकी भी आंकड़ा जुटाया जा रहा है.
Published on:
01 Sept 2018 03:00 pm

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