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बच्चों के मुड़े हुए पैरों का इलाज करने की मुहिम शुरू, मुफ्त होगा इलाज, कानपुर में पहला कैंप

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बच्चों के मुड़े हुए पैरों को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिससे लोगों में इसको लेकर जागरूकता लाई जा सके।

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RBSK scheme became a boon for Divanshi

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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
कानपुर. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत क्लब फूट (मुड़े पैर) से ग्रसित छोटे बच्चों के उपचार के लिए जिला अस्पताल उर्सला में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अन्तर्गत क्लब फूट पर जागरूकता फ़ैलाने और इससे ग्रसित बच्चों के उपचार के लिए परिवारों की काउन्सलिंग की गई। अक्सर माँ बाप बच्चों में इस तरह की समस्या होने पर बहुत परेशान होते हैं। जिससे कई बार बच्चों को विकलांग बनने को भी मजबूर होना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कानपुर में कार्यक्रम के ज़रिए इसका समाधान किया गया।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला अस्पताल उर्सला में सोमवार को कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्लब फूट और इससे ग्रसित बच्चों के उपचार के बारे में परिवार व आमजन को जागरुक किया गया । मिरेकल फीट इण्डिया के सहयोग और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम के समन्वय से जिला अस्पताल में क्लब फूट से ग्रसित बच्चों के उपचार के लिए अभिभावकों का संवेदीकरण कर परामर्श दिया जा रहा है।

माँ बाप को खुद समझना होगा

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रबंधक अजीत सिंह ने बताया कि 29 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक जिला अस्पताल उर्सला में क्लब फूट से ग्रसित बच्चों के उपचार के लिए कैंप आयोजित किया जा रहा है। क्लब फूट से ग्रसित बच्चों का उपचार आमजन के लिए पूर्णतः निःशुल्क है। इसके लिए सहयोगी संस्था मिरेकल फीट इण्डिया की ओर से उपचार का पूरा खर्च वहन किया जा रहा है।
मिरेकल फीट इण्डिया के जिला कार्यक्रम प्रबंधक व परामर्शदाता आशीष मिश्र ने बताया कि क्लब फूट या मुड़े हुए पैरों का उपचार संभव है और उपचार के बाद बच्चा पूरी तरह ठीक होकर अपने पैरों पर चलने में सक्षम हो जाता है। यह उपचार पूर्णतः निःशुल्क है।

मुफ्त होगा पूरा इलाज

आयोजित हो रहे कैंप में बच्चों के परिवार को उपचार की पूरी प्रक्रिया बताई जा रही है, ताकि क्लब फूट से ग्रसित एक भी बच्चा उपचार से अछूता न रहे। इसके साथ ही लक्षित बच्चों की लाइन लिस्टिंग भी की जा रही है। यदि किसी बच्चे में मुड़े पैरों की समस्या है तो उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में संपर्क किया जा सकता है। इस दौरान जिला अस्पताल उर्सला के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अनिल निगम, आर बी.एस.के. टीम सदस्य, मिरेकल फीट इंडिया टीम और सभी आर्थोपेडिक चिकित्सक व अभिभावक मौजूद रहें।