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karwa chauth 2017: 20 साल से इस गावं में नहीं आई दुल्हन, रूठे कुंवारों ने रखा करवाचौथ का व्रत

100 से ज्यादा युवाओं के सिर पर नहीं बंधा सेहरा, वहीं पचास से ज्यादा 50 की उम्र पार कर सन्यासी बन गए हैं।  

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karwa chauth 2017

karwa chauth 2017

विनोद निगम
कानपुर. करवाचौथ का व्रत आज बड़े धूम-धाम के साथ पूरे देश में मनाया जा रहा है, वहीं कानपुर के नरवल तहसील के भीतरगांव के सिमरन्नपुर गांव में इस साल महिलाओं की जगह पुरुषों ने करवाचौथ का व्रत रखा है। गांव वालों का कहना है कि पीएम मोदी, सीएम योगी से अपने बदहाल गांव की सकल-सूरत बदलने के लिए फरियाद लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके चलते हमने अब भगवान शिव की शरण में जाकर देश के राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स को सद्बुद्धि आए इसके लिए प्रार्थना की है।

50 से ज्यादा की उम्र 50 पार कर गई है
सर्वेश मिश्रा कहते हैं कि आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद हमारे गांव में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, टॉयलेट और सुरक्षा के नाम पर सरकारों ने कुछ नहीं किया। इसके कारण 100 से ज्यादा युवाओं के सिर पर सेहरा नहीं बंधा, वहीं पचास से ज्यादा 50 की उम्र पार कर सन्यासी बन गए हैं। 20 साल से हमारे गांव में नई नवेली दुल्हन नहीं आने के चलते, हम सब व्रत रखें हुए हैं।

बदल दिया गांव का नाम, फिर भी नहीं हुआ विकास
कानपुर से 40 किमी की दूरी पर स्थित दौलतपुर ग्राम पंचायत के सिमरन्नपुर मजरे के मर्ज का इलाज जनप्रतिनिधियों के साथ ही सरकारी बाबुओं ने नहीं किया। इसके चलते पिछले 20 सालों में यहां शहनाई नहीं बजी। गांव के अधिकतर युवा 35 साल से ज्यादा की उम्र पार कर गए हैं, वहीं 50 लोग शादी नहीं होने के चलते गांव के बाहर बने मंदिर पर संत बनकर पूजा-पाठ कर रहे हैं। बदहाल गांव की तस्वीर नहीं बदलने से ग्रस्साए ग्रामीणों ने कुछ माह पहले अपने गांव का नाम बदलकर पीओके रख लिया था। पीएम, सीएम, डिप्टी सीएम, कलेक्टर और सीडीओ से गांव में बिजली, सड़क, पानी, टॉयलेट की व्यवस्था कराए जाने की मांग की, लेकिन किसी के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। तो पुरुषों के साथ महिलाओं ने कोई भी पर्व नहीं मनाए जाने का ऐलान कर दिया। सवित्री देवी ने कहा कि हमारी उम्र 75 साल के ऊपर की हो गई है। पति दिव्यांग हैं। गांव में बिजली नहीं होने के चलते तीनों बेटे कुंवारे बैठे हैं। इस साल हमने करवाचौथ का व्रत नहीं रखने का संकल्प लिया है।

चांद की पूजा के बाद ग्रहण करेंगे अन्न-जल
गांव के बृजेश मिश्रा ने बताया कि उनकी उम्र 40 पार हो गई है, बावजूद सेहरा अभी तक नहीं बंधा। चार भाइयों में से बड़े भाई की शादी करीब 20 साल पहले हुई थी। हम से दो बड़े भाई अभी भी कुंवारे बैठे हैं। राजू यादव (58) कहते हैं कि जब दिल्ली की सत्ता में मोदी सरकार आई तो हमारी आस बढ़ी की गांव में बिजली आएगी, यहां भी स्कूल और टॉयलेट बनेंगे और कुवांरों के सिर पर सेहरा बंधेगा, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद हालात पहले से और ज्यादा खराब हो गए हैं। अजय यादव कहते हैं कि हमारे माता-पिता की उम्र अधिक हो गई है, जिसके चलते खुद खाना पकाना पढ़ रहा है। भइया का विवाह कराने के लिए हम पैसा खर्च करने को तैयार हैं पर कोई भी पिता अपनी बेटी का विवाह इस गांव में करना नहीं चाहता। इसी के चलते आज हमने भगवान शिव के मंदिर के बाहर करवाचौथ का व्रत रखा है और चांद को देखने के बाद अन्न-पानी ग्रहण करेंगे।
मोदी जी कुछ करें अगले बरस बहू के साथ रखें व्रत
सिमरन्नपुर गांव में करीब सात सो लोग रहते हैं, जो खेती किसानी कर अपना भरण-पोषण करते हैं। यहां करीब 65 फीसदी आबादी पुरूषों की हैं, वहीं 35 प्रतिशत महिलाएं रहती हैं। 20 साल से दुल्हन नहीं आने के चलते यहां अधिकतर महिलाएं उम्रदराज हैं। गांव के बन्नो देवी (60) कहती हैं कि हमने अपने पति की लंबी आयू के साथ ही गांव की तरक्की हो इसके लिए करवाचौथ का व्रत रखा। हम भगवान भोल शंकर से आज मन्नत मांगेंगे कि वो पीएम मोदी और सीएम योगी के पास हमारी फरियाद पहुंचा दें। हमारे गांव में बिजली के तार बिछें, टॉयलेट के साथ ही स्कूल और सड़कों का निर्माण हो। जिससे 20 साल से विवाह की बाट जोह रहे युवाओं के सिर पर सेहरे सजें। हम भी अगले बरस अपनी बहू के साथ मिलकर करवाचौथ का व्रत रखें।