
अब बच्चों के अभिभावक जाचेंगे कक्षा नौ और ११ का फार्म
कानपुर। अगर यूपी बोर्ड परीक्षा के प्रमाण पत्र या अंकपत्र में छपे नाम में कोई गड़बड़ी हुई तो इसके लिए उनके अभिभावक जिम्मेदार होंगे। बोर्ड ने नियम तय किया है कि कक्षा नौ और ११ के अग्रिम पंजीकरण फार्म को बच्चों के अभिभावक चेक करेंगे और उनका हस्ताक्षर होने के बाद ही फार्म बोर्ड को भेजा जाएगा। इसलिए प्रधानाचार्य के बाद अभिभावक भी पूरी तरह फार्म चेक करने के बाद उस पर हस्ताक्षर करेंगे, तभी वह पूर्ण माना जाएगा।
फर्जीवाड़ा रोकने को उठाया कदम
अग्रिम पंजीकरण फार्म में होने वाला फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बोर्ड ने नया नियम बनाया है। नकलमाफिया अग्रिम पंजीकरण के दौरान गलत जानकारी उपलब्ध कराता है जिसका फायदा उसे परीक्षा के दौरान मिलता है। पिछली बार नकलमाफिया ने पंजीकरण फार्म में जेंडर बदलवा दिया था, जिससे छात्रों को स्वकेंद्र परीक्षा का अवसर मिल गया। बाद में जब सर्टिफिकेट मिले तो भारी संख्या में जेंडर चेंज कराने के आवेदन बोर्ड तक पहुंचे थे। इसीलिए बोर्ड ने पंजीकरण में होने वाला फर्जीवाड़ा रोकने के लिए यह कदम उठाया है। ताकि नकलमाफिया को किसी भी प्रकार से फर्जीवाड़ा करने का मौका ही न मिले।
नहीं किया जाएगा संशोधन
अब प्रमाण पत्र या अंकपत्र में सुधार नहीं हो पाएगा। बोर्ड ने २०१९ के लिए अग्रिम पंजीकरण में ही आवेदनपत्र पर प्रधानाचार्य के साथ अभिभावकों को जिम्मेदार बनाया था, लेकिन इस बार बोर्ड ने इसे सख्ती से लागू कराते हुए यह भी कहा है कि पूरी तरह से भरे हुए आवेदनपत्र को प्रधानाचार्य और अभिभावक अच्छी तरह से जांच लें। फार्म में अगर कोई भी जानकारी गलत होगी या अधूरी होगी तो अभिभावक ही जिम्मेदार होंगे। एक बार प्रमाण पत्र जारी होने के बाद अगर उसमें बोर्ड के स्तर पर कोई गलती नहीं हुई है तो कोई भी संशोधन नहीं किया जाएगा।
Published on:
21 Jun 2019 02:12 pm
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