
UP Dharmantaran case Paypal was used for money coming from abroad
कानपुर. UP Dharmantaran case Paypal was used for money coming from abroad. धर्मांतरण मे होने वाली विदेशी फंडिंग के लिए पे पल का इस्तेमाल होता था। यूपी एटीएस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि विभिन्न खातों से ट्रांजेक्शन होता था। पैसे आते ही उस खाते को बंद करा दिया जाता था। धर्मांतरण के लिए फंड जुटाने के लिए कई तरह के ई-वॉलेट का धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है। एटीएस को मिली जानकारी के अनुसार यह रकम एक से दूसरी संस्था और लोगों के बीच भेजी गई है। धर्मांतरण के नाम पर पैसे लेने के लिए ज्यादातर अंजान खातों का प्रयोग होता था। ऐसे सभी खातों के ट्रांजेक्शन का जानकारी जुटाई जा रही है। उधर, शासन के निर्देश पर एटीएस के सहयोग के लिए कानपुर जिले में एक एसीपी के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम बनाई गई है। यह टीम धर्मांतरण करा चुके लोगों से बात करेगी और आरोपितों पर कार्रवाई करेगी।
दुकानदार, कारोबारी आदि के नाम के खातों से होता था ट्रांजेक्शन
दिल्ली में इस्लामिक दावा सेंटर के अध्यक्ष और धर्मांतरण कराने के आरोपित उमर गौतम को संस्था चलाने के लिए भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी फंडिंग मिलती थी। जो लोग उसे फंडिंग करते थे वह उसे बड़े सेमिनार या व्याख्यान देने को अपने देश या शहर में आमंत्रित करते थे। उमर लोगों का माइंडवॉश करने के लिए सेमिनार में बुलाते थे। उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। उमर लोगों को इस्लाम में अपनी आस्था और धर्म के बारे में राय बताता था, जिससे कि उससे प्रभावित होकर अधिकतर लोग धर्मांतरण के लिए राजी हो जाते। वहीं धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग का भरपूर इस्तेमाल किया गया। दुकानदार, कारोबारी आदि लोगों के नाम व व्यवसाय से खाते होते थे जिनसे ट्रांजेक्शन किया जाता था। विदेशों से पैसा मंगाने के लिए पे पल का प्रयोग होता था। पैसे आते ही खाता बंद करवा दिया जाता था।
मथुरा, वाराणसी समेत कई जिलों में कराए धर्मांतरण
देश के अलग-अलग कोने में सक्रिय इस धर्मांतरण गिरोह ने वाराणसी, मथुरा, कानपुर समेत यूपी के कई जिलों में गैर मुस्लिमों को मुसलमान में बदलने के लिए उकसाया है। इसके लिए अधिकतर मूक बधिर बच्चों और महिलाओं को टारगेट किया जाता रहा है। उमर अपने साथी जहांगीर के साथ मिलकर अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों का जबरन धर्म बदलवा चुका है। ये लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से पैसे लेकर लोगों का धर्मांतरण कराते थे। एटीएस जांच में उन्होंने यह बात स्वीकार की है। इसके अलावा उमर और जहांगीर ने नोएडा में चलाए जा रहे मूक-बधिर स्कूल के डेढ़ दर्जन बच्चों का भी धर्मांतरण कराया था। लखनऊ में दोनों पर कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
Published on:
05 Jul 2021 10:15 am
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