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प्रदेश में ‘हौसला पोषण योजना’ होगी लॉन्च, गर्भवती महिलाएं और बच्चे हाेंगे स्वस्थ

15 जुलाई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव श्रावस्ती जिले में हौसला पोषण योजना का शुभारम्भ करेंगे। जिसके बाद 25 जुलाई को ये योजना दूसरे जिलो में लॉन्च की जाएगी।

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UP Patrika

Jul 14, 2016

hausla poshan yojna

hausla poshan yojna

कानपुर.
बच्चों में होने वाले कुपोषण की गंभीर समस्या को लेकर सरकार की हमेशा ये कोशिश रहती है कि इसे समाज से उखाड़ फेंका जा सके। जिसके लिये सरकार गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिये कई योजनाएं भी चलाई जा रही है। सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की देखरेख के लिये आशा बहुओं सहित निशुल्क भोजन प्रसव, बच्चे का टीकाकरण सहित आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल पोषाहार और कई अन्य योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके बावजूद भी बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। जिससे निपटने के लिए प्रदेश सरकार अब गर्भवती महिलाओं के लिए के लिये हौसला योजना लॉन्च करने जा रही है। इस योजना के अंतर्गत आंगनबाडी केंद्रो पर गर्भवती महिलाओं को एक समय के पौष्टिक भोजन के साथ सप्ताह में तीन दिन दूध के साथ हर दिन फल दिये जाएंगे। जिससे गर्भवती महिलाएं पौष्टिक भोजन कर खुद को और बच्चे को स्वस्थ्य रख सकें, जिससे कुपोषण को दूर किया जा सके। इस योजना में महिलाओं को प्रसव के 6 महीने के बाद तक भोजन दिया जाएगा। इसके साथ ही 6 साल तक के अति कुपोषित बच्चों को भी पौष्टिक खाना दिया जाएगा। इस योजना को साकार करने के लिये शासन ने अपनी कमक कस ली है।


हौसला योजना से सुधरेंगे हालात !

प्रदेश सरकार ने हौसला पोषण योजना को प्रदेश में लॉन्च करने का मन बना लिया है। 15 जुलाई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव श्रावस्ती जिले में इस योजना का शुभारम्भ करेंगे। जिसके बाद 25 जुलाई को ये योजना दूसरे जिलो में लॉन्च की जाएगी। इस योजना को सफल बनाने के लिये अधिकारी भरसक प्रयास करेंगे। योजना को लागू करने के लिये जिले के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत अधिकारी तैयारी में जुट गए हैं। इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को खाने के साथ सप्ताह में तीन दिन बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को 175 मिली दूध भी दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त सप्ताह के प्रत्येक दिन एक मौसमी फल के साथ आयरन की गोली दी जाएगी। जिससे गर्भवती महिलाओं के स्वस्थ्य होने के साथ उनके होने वाले बच्चे की सेहत भी दुरुस्त रखी जा सके।


अति कुपोषित बच्चों को भी मिलेगा ये पौष्टिक आहार

इस योजना में सरकार ने अति कुपोषित बच्चों को भी खाना देने की मंशा जाहिर की है। जिसके अंतर्गत 6 महीने से 3 साल और 3 साल से 6 साल तक के बच्चों को अलग-अलग वर्ग में रखा गया है। 3 साल तक के बच्चों को भोजन के साथ ही 20 ग्राम घी और फल दिया जाएगा। वहीं 3 से 6 साल तक के बच्चों को भोजन के बजाए फल और घी के साथ शाम को नाश्ते के रूप में ग्लूकोज के बिस्किट, चना आदि अलग-अलग चीजें दी जाएंगी। जिससे स्वस्थ्य बच्चों को कुपोषण से बचाने के साथ कुपोषित बच्चों को भी इस संकट से उबारा जा सके। इस योजना को सफल रूप देने के लिये अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये गए हैं। इस सम्बंध मे मुख्य विकास अधिकारी राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर देहात में ये योजना दूसरे चरण में लागू होगी। इसके लिये अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। पहले दिन प्रत्येक अधिकारी गोद लिए गांवो से शुरुवात करेंगे। उन्होंने बताया कि घी, दूध आदि की व्यवस्था के लिए शासन से ही पीसीडीएफ को जिम्मा सौंपा गया है। दूध के लिये मिल्क पाउडर की सप्लाई होगी। इस योजना के लिये आंगनबाडी, आशा और एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।