इस योजना में सरकार ने अति कुपोषित बच्चों को भी खाना देने की मंशा जाहिर की है। जिसके अंतर्गत 6 महीने से 3 साल और 3 साल से 6 साल तक के बच्चों को अलग-अलग वर्ग में रखा गया है। 3 साल तक के बच्चों को भोजन के साथ ही 20 ग्राम घी और फल दिया जाएगा। वहीं 3 से 6 साल तक के बच्चों को भोजन के बजाए फल और घी के साथ शाम को नाश्ते के रूप में ग्लूकोज के बिस्किट, चना आदि अलग-अलग चीजें दी जाएंगी। जिससे स्वस्थ्य बच्चों को कुपोषण से बचाने के साथ कुपोषित बच्चों को भी इस संकट से उबारा जा सके। इस योजना को सफल रूप देने के लिये अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये गए हैं। इस सम्बंध मे मुख्य विकास अधिकारी राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर देहात में ये योजना दूसरे चरण में लागू होगी। इसके लिये अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। पहले दिन प्रत्येक अधिकारी गोद लिए गांवो से शुरुवात करेंगे। उन्होंने बताया कि घी, दूध आदि की व्यवस्था के लिए शासन से ही पीसीडीएफ को जिम्मा सौंपा गया है। दूध के लिये मिल्क पाउडर की सप्लाई होगी। इस योजना के लिये आंगनबाडी, आशा और एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।