1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिया ऐसा बयान, बीजेपी नेताओं की उड़ी नींद, गरम हुई सियासत

योगी के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मोहम्मद अली जिन्ना को महापुरूष बता डाला...
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कानपुर

•

image

Nitin Srivastva

•

Updated: 2 May 2018, 12:23 PM IST

UP Minister Swami Prasad Maurya statement on Muhammad Ali Jinnah news

स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिया ऐसा बयान, बीजेपी नेताओं की उड़ी नींद, गरम हुई सियासत

कानपुर. उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य मंगलवार को कानपुर आए हुए थे। वह यहां पर श्रम विभाग की तरफ से सामूहिक विवाह समारोह के मुख्य अतिथि थे। 434 जोडों को आर्शीवाद देने के बाद उन्होंने एक सनसनी खेज बयान दे डाला। एक प्रश्न के उत्तर में योगी के मंत्री ने जिन्ना को महापुरूष बता डाला और भाजपा के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों को सलाह दे डाली को वह इन जैसे महान नेताओं पर गलत टिप्पणी न करें। मंत्री के बयान के बाद कानपुर से लेकर दिल्ली तक सियासत गर्म हो गई। भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि मंत्री जी ने क्या कहा उसके बारे में मुझे जानकारी नहीं हैं। हां मैं भाजपा का आधिकारिक पदाधिकारी होने के नाते यह जरूर कहूंगा कि जिन्ना इंसान नहीं शैतान था और बंटवारे के बाद 40 लाख से ज्यादा हिन्दुओं को मौत के घाट उतारने वाला तानाशाह था।

वह उनका निजी बयान

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रसंघ कार्यालय में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो को लेकर फिर माहौल गरमा गया है। मंगलवार को योगी सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जिन्ना को महापुरूष बताकर आग में घी डालने का काम कर दिया। जिसके चलते विपक्षी नेताओं ने भाजपा के दोहरे चरित्र पर सवाल लगाए हैं तो भाजपा के नेता भी इस मुद्दे को तूल देने के बजाए सीधे जिन्ना पर जुबानी हमला बोल दिया है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह मंत्री का अपना व्यक्तिगत बयान हो सकता है, पार्टी की राय उनके विपरीत है। जिन्ना के चलते भारत का बंटवारा हुआ और उसी के कहने पर पाकिस्तान में 40 लाख से ज्यादा हिन्दुओं का कत्ल कर दिया गया। जिन्ना की तस्वीर अगर एएमयू में लगी है तो हम जल्द ही राज्यपाल रामनाईक और सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर उसे हटाए जाने की मांग करेंगे।

सांसद की मांग के बाद गरमाई सियासत

भाजपा सांसद सतीश गौतम ने एएमयू वीसी को पत्र लिखकर जिन्ना की तस्वीर के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था। बीजेपी सांसद ने वीसी मंसूर अली से सावाल किया है कि किस वजह से देश का बंटवारा करवाने वाले की तस्वीर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लगाई गई है। सतीश गौतम ने अपने पत्र में लिखा कि उन्हें नहीं पता कि ये तस्वीर यूनिवर्सिटी में कहां लगाई गई है मगर क्यों लगाई गई है ये एक बड़ा सवाल है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा की वीसी की ऐसी क्या मजबूरी थी जिसके कारण उन्होंने जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाई है। सांसद के पत्र का जवाब यूनिवर्सिटी के छात्र संघ के अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि ये तस्वीर यूनिवर्सिटी में आजादी से पहले यानी 1938 में लगाई गई थी। उन्होंने कहा कि जिन्ना पर कोई भी चैप्टर यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ाया जा रहा है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि अगर सरकार जिन्ना की तस्वीर हटाने का आदेश देती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

जिन्ना के चलते गवांनी पड़ी थी लाखों लोगों को जान

भाजपा नगर अध्यक्ष ने बताया कि आजादी के बाद जिन्ना ने इस्लाम के नाम पर अलग राज्य की मांग रख दी, जिसे अपने को सेकुलर कहने वाले दल के नेताओं ने मान लिया। जबकि इसके खिलाफ ख्ुद महात्मा गांधी, सरदार पटेल सहित कई नेता खिलाफ थे। बंटवारे के बाद जिन्ना ने पाकिस्तान से लेकर कश्मीर तक लाखों हिन्दुओं को मौत के घाट उतरवा दिया। सैकड़ों महिलाओं का सिंदुर उजड़ गया तो कईयों ने अपने बेटे खो दिए। मैथानी बताते हैं कि 1947 में गोविंदनगर इलाके में पाकिस्तान के सिंध प्रान्त से पांच सौ परिवार भागकर कानपुर आए थे और हमारे माता-पिता उनके ऊपर पाकिस्तानी सेना के जुल्म और सितम के किस्से सुनाते थे। अगर जिन्ना नहीं चाहता तो भारत का बंटवारा कभी नहीं होता। 70 साल के बाद हमारे देश में आज भी कुछ लोग जिन्ना की सोच रखने वाले हैं, लेकिन अब उनके सपने कभी नहीं पूरे हो सकते। देश विरोधी गतिविधि करने वाला सीधे परलोक भेजा जाएगा।