
दो बीवियों वाले दारोगा के साथ थाने के कमरे में हुआ दर्दनाक हादसा
कानपुर. खाकी वर्दी के दामन पर एक और दाग। वर्दी में इश्क और फरेब के भंवर में किसी की जिंदगी का अंत हो गया। यह पूरा किस्सा थाने के अंदर हुआ और किसी को भनक भी नहीं लगी। दो बीवियों वाले दारोगा की यह कहानी आज चर्चा का विषय बनी हुई है। मूल रूप से सीतापुर के रहने वाले दारोगा आजकल कानपुर के सजेती थाने में तैनात थे, जबकि उनका तबादला इटावा हो चुका था, लेकिन रवानगी नहीं दर्ज कराई थी। दारोगा की एक बीवी गांव में रहती है, जबकि हरदोई में तैनाती के दौरान दारोगा ने पड़ोसन से इश्क करने के बाद प्रेम विवाह किया था। चर्चा है कि बीती रात दारोगा थाना परिसर में अपने कमरे में एक महिला को लेकर गए थे, सुबह दरवाजा खुला तो दारोगा की हालत देखकर सिपाही चौंक गए।
दारोगा का नाम पच्चालाल गौतम, उम्र 58 साल
सीतापुर के मानपुरा इलाके के रामकुंड मोहल्ले के पच्चा लाल गौतम एक सप्ताह पहले तक कानपुर के सजेती थाने में तैनात थे। बीते सप्ताह उनका तबादला इटावा हो चुका है, लेकिन सजेती थाने का कमरा छोडऩे का इरादा नहीं था। कोशिश जारी थी कि किीस प्रकार से तबादला रुक जाए। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अहिरवां एयरपोर्ट पर फ्लाइट टेक-ऑफ कराने का कार्यक्रम था, ज्यादातर दारोगा-सिपाही उसी कार्यक्रम की ड्यूटी में तैनात थे। उम्रदराज पच्चालाल थाने में अकेले थे। पच्चा लाल की पहली बीवी सीतापुर के पैतृक गांव में रहती है, जबकि दूसरी बीवी कानपुर में दो बेटियों के साथ।
रात में अनजान के साथ कमरे में गए, सुबह खून दिखा
पच्चालाल के रिटायरमेंट की उम्र डेढ़ साल शेष थी, इसीलिए उनकी ड्यूटी सीएम के कार्यक्रम में नहीं लगाई गई थी। थाने के सूत्रों ने बताया कि सोमवार की देर रात पच्चालाल को थाने के आसपास घूमते देखा गया था। रात 10.30 बजे किसी अनजान साए के साथ कमरे में गए और अंदर से कुंडी लगाकर लाइट को बंद कर लिया। फिर क्या हुआ, किसी को नहीं मालूम। मंगलवार की शाम साढ़े छह बजे जब थाने के मुंशी अजय पाल परिसर स्थित उनके आवास में पहुंचे तो लाश देखकर दंग रह गए। पच्चा लाल की नृशंस हत्या की गई थी। इसमें उनकी आंतें तक बाहर आ गईं थीं। गले पर भी चाकुओं से गोदे जाने के दो गहरे जख्म थे। कमरे में कूलर चल रहा था। सूचना मिलते ही एसएसपी अखिलेश कुमार और एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह फोरेंसिक टीम के साथ थाने पहुंचे। बाद में आईजी आलोक सिंह भी पहुंच गए।
हरदोई में तैनाती के दौरान किया था प्रेम विवाह
पच्चा लाल की कानपुर से पहले हरदोई में तैनाती थी, जहां उन्होंने अपनी पड़ोसन से प्रेम विवाह किया था। एसपी ग्रामीण के मुताबिक उस शादी से दो बेटियां हैं तथा दूसरी बीवी कानपुर में रहती है, जबकि पहली शादी का परिवार सीतापुर स्थित गांव में रहता है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में हत्या की कड़ी हरदोई और सीतापुर से जुड़ी हुई लगती है। थाने के पुख्ता सूत्र ने बताया कि पच्चा लाल को सोमवार की रात दस बजे मोबाइल पर किसी से बात करते देखा गया था। फिर किसी के साथ कमरे में जाने के बाद अता-पता नहीं था।
Published on:
04 Jul 2018 09:38 am
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