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Kanpur News:लोरी सुनाते-सुनाते लिख दी कामयाबी की कहानी, श्वेता ने UPPCS में मारी बाजी

UPPCS Success Story:कानपुर की श्वेता वर्मा ने चार महीने की बेटी की देखभाल के साथ UPPCS परीक्षा में 21वीं रैंक हासिल की। बीटेक स्नातक श्वेता दूरदर्शन में इंजीनियर हैं। उनकी सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

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UPPCS में 21वीं रैंक हासिल करने वाली श्वेता वर्मा-(फ़ोटो -सोशल मीडिया)

कानपुर नगर के शिवराजपुर कस्बे की रहने वाली श्वेता वर्मा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) परीक्षा में 21वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस सफलता के साथ ही उन्हें एसडीएम पद मिलने की प्रबल संभावना है। खास बात यह है कि श्वेता ने यह उपलब्धि उस समय हासिल की है जब वह महज चार महीने पहले ही मां बनी हैं। बेटी के जन्म के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और सफलता की नई कहानी लिख दी।

पढ़ाई से लेकर नौकरी तक, हर मोर्चे पर किया संतुलन

श्वेता वर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिवराजपुर के रामसहाय इंटर कॉलेज, बैरी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज से बीटेक की डिग्री हासिल की। वर्तमान में वह और उनके पति सुधांशु कुमार, दोनों दूरदर्शन दिल्ली में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए श्वेता ने कड़ी मेहनत की और इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की।

परिवार का मिला पूरा सहयोग, बचपन से ही रही होनहार

श्वेता के पिता जगदीश वर्मा सरकारी बैंक में कैशियर के पद से रिटायर हो चुके हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में श्वेता सबसे बड़ी हैं। उनके छोटे भाई शैलेंद्र वर्मा शिवराजपुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 7 से सभासद हैं। परिवार ने हमेशा श्वेता की पढ़ाई और करियर को प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।

घर वापसी का इंतजार, क्षेत्र में जश्न का माहौल

श्वेता के छोटे भाई शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि वह एक परीक्षा के सिलसिले में लखनऊ गई हुई हैं और शाम तक अपने शिवराजपुर स्थित घर लौटेंगी। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोग और परिजन उनके स्वागत की तैयारी कर रहे हैं और बेसब्री से उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा, संघर्ष और सफलता की मिसाल

श्वेता वर्मा की सफलता उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं। मां बनने के बाद भी उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।