20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Kanpur Encounter: विकास दुबे का ‘राजनीतिक सिक्का’, बिना चुनाव प्रचार के ही इलेक्शन जीत 10 साल तक विकास दुबे ने इस क्षेत्र में जमाया कब्जा

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) का दबदबा बिकरू गांव में हमेशा से बना रहा है। दबंगई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिकरू से 40 किलोमीटर दूर स्थित घिमऊ जिला पंचायत निर्वाचन क्षेत्र में विकास का ही सिक्का चलता था

2 min read
Google source verification
Kanpur Encounter: विकास दुबे का 'राजनीतिक सिक्का', बिना चुनाव प्रचार के ही इलेक्शन जीत 10 साल तक विकास दुबे ने इस क्षेत्र में जमाया कब्जा

Kanpur Encounter: विकास दुबे का 'राजनीतिक सिक्का', बिना चुनाव प्रचार के ही इलेक्शन जीत 10 साल तक विकास दुबे ने इस क्षेत्र में जमाया कब्जा

कानपुर. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) का दबदबा बिकरू गांव में हमेशा से बना रहा है। दबंगई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिकरू से 40 किलोमीटर दूर स्थित घिमऊ जिला पंचायत निर्वाचन क्षेत्र में विकास का ही सिक्का चलता था। यहां पिछले 10-10 सालों तक वह और उसकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य के रूप में तैनात रहे। खास बात तो ये है कि एक बार भी विकास दुबे की ओर से चुनाव प्रचार नहीं किया गया था। फिर भी 10 सालों तक जिला पंचायत के रूप में सेवा का आनंद लेते रहे।

वर्ष 2005 और 2010 में घिमऊ जिला पंचायत सीट पिछड़ा और एससी वर्ग आरक्षित जरूर रही लेकिन विकास के करीबी ही जीते। बिल्हौर तहसील के घिमऊ जिला पंचायत निर्वाचन क्षेत्र में बिकरू गांव भी आता है। आतंक के बूते विकास इस सीट पर वर्ष 2000 से 2005 तक जिला पंचायत सदस्य रहा। वर्ष 2015 में सीट महिला के लिए रिजर्व हुई तो विकास ने पत्नी ऋचा दुबे को मैदान में उतार दिया। वह विकास से दोगुने वोटों से विजयी हुई थीं। वर्ष 2000 में विकास दुबे 1854 मतों से विजयी हुए थे, जबकि उनकी पत्नी ऋचा 2015 के चुनाव में 3000 से अधिक मतों से विजयी जीती। वर्तमान में ऋचा घिमऊ क्षेत्र की सदस्य हैं।

कभी प्रचार पर नहीं निकलीं पत्नी

ऋचा ने भले ही घिमऊ जिला पंचायत सीट से जीत हासिल की हो लेकिन उन्होंने कभी भी खुद चुनाव प्रचार नहीं किया। रानेपुर निवासी राजेश व रमाकांत का कहना है कि मतदान के एक दिन पहले विकास या फिर उनके साथी गांवों आकर फरमान जारी करके चले जाते थे। इसी वजह से उनकी पत्नी बिना प्रचार पर निकले ही सदस्य चुनी गईं।

ये भी पढ़ें: Kanpur Encounter: विकास दुबे को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही शहीद सीए देवेंद्र मिश्रा की ये चिट्ठी, पुलिस ने कहा-रिकॉर्ड में ही नहीं मिली