
Vikas supporter Umakant
कानपुर. कानपुर में बिकरू कांड (Kanpur encounter) का मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) व उसके कई साथी तो पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गए। जो बचे हैं उनमें से कुछ सरेंडर कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है विकास का साथी उमाकांत उर्फ गुड्डन शुक्ल (Umakant Shukla) जिस पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। शनिवार को नाटकीय अंदाज में उसने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। पुलिस की गोली से बचने के लिए गुड्डन ने अजीबो गरीब तरीका अपनाया। अपने गले में एक तख्ती लटकाए वह चौबेपुर थाने पहुंचा और कुबूलनामा कर उनसे रहम करने की मांग की।
गुड्डन के साथ उसकी पत्नी व बेटी भी साथ में थे, जिन्होंने उसके सुर में सुर मिलाए। गुड्डन ने कहा कि मुझे कानपुर कांड के बाद आत्मग्लानि है और मैं सरेंडर करने आया हूं। इससे पहले 30 जुलाई को गोपाल सैनी ने भी माती कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। गोपाल के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस शहर और आसपास के जिलों में डेरा जमाए हुए हैं। 2 अगस्त को उन्हें एक और सफलता तब मिली जब विकास दुबे के एक और साथी राम सिंह यादव को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया।
मेरी जान की रक्षा की जाए-
उमाकांत उमाकांत शुक्ला सरेंडर करते वक्त जो तख्ती लटकाए था उसमें लिखा था, "मेरा नाम उमाकांत शुक्ला उर्फ गुड्डन है. कानपुर कांड में मैं विकास दुबे के साथ शामिल था। मुझे पकड़ने के लिए रोज पुलिस छापेमारी कर रही है, जिससे मैं बहुत डरा हुआ हूं. हम लोगों द्वारा जो घटना की गई थी, उसकी हमें बहुत आत्मग्लानि है। मैं खुद पुलिस के सामने हाजिर हो रहा हूं। मेरी जान की रक्षा की जाए, मुझ पर रहम किया जाए।" उसके साथ मौजूद बेटी ने भी पुलिस वालों से गुजारिश की। बेटी ने कहा कि उसके पापा सरेंडर करने आए हैं, पुलिस उस पर रहम करे।
आठ आरोपी हैं फरार-
विकास दुबे एनकाउंटर मामले में पुलिस ने उसके पांच साथियों को एनकाउंटर में मार गिराया था। विकास के भाई शिवम दुबे को एसटीएफ गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके अतिरिक्त नामजद आरोपी विष्णु पाल उर्फ जिलेदार, रामू बाजपेई, हीरू दुबे, शिव तिवारी समेत आठ आरोपी फरार हैं। इनकी तलाश में पुलिस और एसटीएफ को लगाया गया है।
Published on:
08 Aug 2020 05:36 pm
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