
विटामिन सी कवच बनकर प्रदूषण के घातक असर से बचाएगा
कानपुर। शहर की सबसे बड़ी समस्या बन चुके वायु प्रदूषण से बचने के लिए तमाम उपाय अपनाए जा रहे हैं। लोग मास्क लगा रहे हैं और देशी नुस्खे भी अपना रहे हैं। इनमें सबसे आसान उपाय है विटामिन सी का ज्यादा उपयोग। प्रदूषण से बचने के लिए खाने में विटामिन सी की मात्रा बढ़ाने से खतरा कम हो सकता है। डॉक्टरों की एडवाइजरी में कहा गया है कि खानपान में विटामिन सी का ज्यादा प्रयोग करने से आप प्रदूषण के प्रभावों से बच सकेंगे। डॉक्टरों ने कहा कि विटामिन सी में एंटीऑक्सीडेंट सबसे ज्यादा मिलता है। इन्हें खाने से एंटीआक्सीडेंट प्रदूषण जनित दुष्प्रभावों को रोकने में सहायक साबित होता है।
इन अंगों पर पड़ रहा प्रदूषण का असर
हवा में घुले जहर का सबसे ज्याद असर फेफड़ों, श्वसन प्रक्रिया और आंखों पर पड़ रहा है। सांस के जरिए शरीर में जाने वाले ये घातक कण कई तरह की बीमारियां पैदा करते हैं। भारतीय बाल रोग अकादमी (श्वांस रोग अध्याय) के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. राज तिलक की मानें तो जब प्रदूषण मानक से ज्यादा होता है तो शरीर में फ्री रेडिकल्स (बैक्टीरिया) पनपने लगते हैं। यह बैक्टीरिया शरीर में कोशिका निर्माण और कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करने में सहायक होते हैं लेकिन केवल कुछ बैक्टीरिया ही कोशिका निर्माण और वृद्धि में सहायक होते हैं। यदि इनकी संख्या अधिक हो जाए, तो शरीर की कोशिकाओं को नष्ट करने लगते हैं जिससे फेफड़ों और शरीर की कार्य क्षमता कम होने लगती है और कई बीमारियां पनपने लगती हैं।
खट्टे और रेशेदार फल खाएं
रेशेदार फल (खासकर खट्टे) और हरी सब्जियों का सेवन कर प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम कर सकते हैं। इस मौसम में शरीर में अम्लता बढ़ती है। इसके विरुद्ध शरीर में क्षार की मात्रा एवं रोग प्रतिरोधक बढ़ाकर प्रदूषण से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है। इसके अलावा योगासन कारगर साबित होगा। सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रस्तिका आदि योगासन से वायु प्रदूषण से शरीर में घुसे प्रदूषित कणों को बाहर कर सकते हैं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।
दमा और हार्ट रोगी रहें सावधान
ऐसे मौसम में अस्थमा के रोगियों को डाइट अच्छी लेनी चाहिए। वे रोटी में देशी घी चुपडक़र खाएं। ड्राईफ्रूट, सोयाबीन, दालें, मछली खाएं। इसी तरह हृदय रोगियों को हरी सब्जियां, ताजे फल, समूचे या अंकुरित अनाज नियमित रूप से खाने चाहिए। हफ्ते में एक बार मछली या अंडे खाएं। शाकाहारी मरीज खाने में पनीर, सोयाबीन की मात्रा बढ़ाएं। नारियल पानी भी ले सकते हैं। जूस की जगह समूचा फल खाना ज्यादा लाभप्रद होगा। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।
Published on:
06 Nov 2019 03:53 pm
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