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गेंहू के खेंतो में भरा पानी, किसानों में मची हाय तौबा, प्रशासन मौन

एक तरफ केंद्र व राज्य सरकार देश प्रदेश के किसानों की स्थित में सुधार करने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं।

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kanpur

कानपुर देहात. एक तरफ केंद्र व राज्य सरकार देश प्रदेश के किसानों की स्थित में सुधार करने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। साथ ही फसलों की सुरक्षा के लिए जिले के आला अधिकारियों को भी हिदायत दे रखी है। जहां किसानों के रक्षक फसलों की सुरक्षा के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। वहीं समाज के कुछ तुच्छ मानसिकता के लोग किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं। दूसरी तरफ तहसील प्रशासन भी बेसुध बना हुआ है। ऐसा ही कुछ मामला रसूलाबाद क्षेत्र के मेघजाल गांव में सामने आया, जहां कुछ दबंगों ने बम्बी को रात्रि में काट दिया। जिसकी वजह से किसानों की करीब 20 बीघे गेहूं की फसलें पानी से जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात में ही किन्ही शरारती तत्वों ने माइनर काट दिया है, जिससे खेंतो में पानी भर गया है। हालांकि अभी तक पुलिस प्रशासन से कोई भी हितैषी मौके पर नही पहुंचा है।


आपको बताते चलें जहां एक ओर इतनी सर्दी व बढ़ती गलन में किसान दिन-रात की मेहनत करके फसल को तैयार करता है, वहीं दूसरी ओर दबंग प्रवत्ति के लोगों ने किसानों की सारी मेहनत पर बस चंद घंटों में पानी फेर दिया। एक ओर किसान आवारा जानवरों से फसल बचाने के लिए दिन-रात खेतों के चक्कर काटता है। तब जाकर कहीं फसल को सुरक्षित रख पाता है। फिर वही कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगो द्वारा माइनर को काट देने से फसलें पानी में डूब जाती हैं। जिससे पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है और फसलें सब बेकार हो जाती हैं। बताया गया कि रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मेघवाल गांव में कुछ दबंग प्रवत्ति के लोगों द्वारा बीती रात माइनर (बम्बी) की पटरी काटने की वजह से किसानों की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद की स्थिति में हो गई है।

जलमग्न खेंतो के किसान दयाशंकर, उमाशंकर, हेमकुमार, प्रेमचंद्र एवं लालाराम आदि किसानों ने सूचना मिलते ही खेंतो में जाकर देखा तो पानी से डूबी गेहूं की फसलें देख हैरान रह गए। इसके बाद किसानों ने जैसे तैसे इंजन लगाकर पानी निकालना शुरू किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के चलते पानी दूसरे किसानों की फसलों को भी चपेट में लेने लगा। तब जाकर किसानों ने मसक्कत कर मिट्टी से कटे माइनर में बांध लगाया। पीड़ितों ने बताया कि आये दिन संदिग्ध स्थितियो में रात के समय माइनर कट जाता है और किसानों को भारी कीमत चुकानी पड़ती है। कई बार शिकायत की, लेकिन इस पर लगाम नहीं लग पा रही है। आखिर कब तक किसानों की फसलों से खिलवाड़ होता रहेगा। अब देखना यह होगा मामला प्रशासन के संज्ञान में आने पर ऐसे दबंग प्रवत्ति के लोगों पर क्या कार्रवाई होती है या प्रशासन बेसुध बना रहता है।

इस संबंध में उपजिलाधिकारी रसूलाबाद बिजेंद्र सिंह ने कहा कि मेघजाल में माइनर नही बल्कि नहर से गूल निकली हुई है। फसले जलमग्न होने की सूचना के चलते तत्काल गूल बंद करा दी जाएगी।