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करोड़ों की जमीन कब्जाने व 71 मुकदमों वाला विकास पुलिस-प्रशासन की टॉप 10 लिस्ट में नहीं रहा शामिल

- हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के नाम ढाई सौ बीघा जमीन- कानपुर-लखनऊ में है करोड़ों की संपत्ति

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करोड़ों की जमीन कब्जाने व 71 मुकदमों वाला विकास पुलिस-प्रशासन की टॉप 10 लिस्ट में नहीं रहा शामिल

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कानपुर. उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बदमाशों और भू माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणा की थी। अब तक कई बड़े भू माफिया बेनकाब भी हुए। इस दौरान मोस्ट वांटेड क्रिमिनल का या तो एनकाउंटर कर दिया गया या फिर वह यूपी छोड़कर भाग गये, लेकिन गैंगस्टर और भू माफिया विकास दुबे पर कोई आंच नहीं आई। उस पर हत्या, फिरौती और रंगदारी जैसे 71 मुकदमे दर्ज थे, लेकिन वह कभी पुलिस की भी टॉप 10 क्रिमिनल लिस्ट में शामिल नहीं रहा। इतना ही नहीं, जबरन कब्जा कर करोड़ों की संपत्ति हथियाने वाले विकास का नाम शासन-प्रशासन की भू माफियाओं की टॉप 10 सूची से भी गायब रहा। यही कारण है कि उस पर अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी और पुलिस-प्रशासन उसे हल्के में लेता रहा। इस बात को अस्तपाल में अपना इलाज करा रहे बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने भी माना। उसका कहना है कि टीम ने मामले में गंभीरता से नहीं लिया था। वरना इतनी बड़ी वारदात न हो पाती। कानपुर के एसएसपी दिनेश पी ने बताया कि चौबेपुर की घटना के बाद जिले और थाने के टॉप-10 अपराधियों की सूची की एक बार फिर से समीक्षा की जा रही है।

ढाई लाख के ईनामी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके परिवार के पास चौबेपुर, बिल्हौर, शिवली और बिठूर में करीब 250 बीघा जमीन है। लखनऊ में भी उसके पास करोड़ों की जमीन, मकान और संपत्तियां हैं। कानपुर पुलिस के मुताबिक, शिवली के शोभन में विकास ने अपने भाई दीपू दुबे के नाम करीब 20 बीघा जमीन खरीदी थी। बिकरू, दिलीपनगर, कांशीराम निवादा, बिल्हौर, चौबेपुर कस्बा, बिठूर व कल्याणपुर में भी उसके व रिश्तेदारों के नाम पर प्लाट व खेत हैं। इन जमीनों की कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। शहर के कल्याणपुर क्षेत्र में मकड़ीखेड़ा व काकादेव के साथ ही लखनऊ के इंदिरानगर में उसके मकान हैं, जिनकी कीमत करीब पांच से सात करोड़ रुपये है। इसके अलावा विकास, उसकी पत्नी रिचा, बच्चों, भाइयों, पिता, मां और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी कई संपत्तियां व जमीनें हैं।

गुर्गों की मदद से जमीनों पर करता था कब्जा
पुलिस विकास दुबे और उसके रिश्तेदारों की सभी संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही करीबियों के बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है। अग्रिम कार्रवाई के तहत सभी के खाते फ्रीज किये जा सकते हैं। एडीजी जय नरायन सिंह के मुताबिक आरोपित की संपत्तियों की जांच की जा रही है। गैंगस्टर एक्ट के तहत जल्द ही उसकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियां जब्त की जाएंगी। उन्होंने बताया कि विकास अपने गुर्गों की मदद से जमीनों पर कब्जे कराता था। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की कुछ इकाइयों से लाखों रुपये की वसूली भी कराता था। विकास के खौफ के चलते कोई भी व्यापारी उसके खिलाफ कुछ बोलता नहीं था। एडीजी ने कहा, जांच शुरू हो गई है, जल्द ही कड़ी कार्रवाई होने की उम्मीद है।

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