9 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अधिकारियों की मिलीभगत से बिना परमीशन करा दिए गए लाखों के काम

नगर निगम में अधिकारियों की मिलीभगत से विकास कार्य के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है. इसमें कई अधिकारी भी नगर आयुक्त के राडार पर आ गए हैं. अवस्थापना निधि से शहर के सभी 110 वार्डों में 10-10 लाख रुपये से विकास कार्य किए जाने थे.

2 min read
Google source verification
Kanpur

अधिकारियों की मिलीभगत से बिना परमीशन करा दिए गए लाखों के काम

कानपुर। नगर निगम में अधिकारियों की मिलीभगत से विकास कार्य के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है. इसमें कई अधिकारी भी नगर आयुक्त के राडार पर आ गए हैं. अवस्थापना निधि से शहर के सभी 110 वार्डों में 10-10 लाख रुपये से विकास कार्य किए जाने थे. बावजूद इसके अधिकारियों ने 10 लाख से अधिक के कार्य बिना किसी परमीशन के करा दिए. मामला तब खुला जब नगर आयुक्त संतोष कुमार के सामने पेमेंट के लिए फाइलें गईं. उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए निर्देशित किया कि 10 लाख से अतिरिक्त के कार्य पर नगर निगम की ओर से पेमेंट नहीं किया जाएगा. इसके लिए जोन के अधिशाषी अभियंता ही जिम्मेदार होंगे.

अधिकारियों और ठेकेदारों में हड़कंप
नगर आयुक्त के इस फैसले के बाद अधिकारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है. ठेकेदार अपनी पेमेंट के लिए बेचैन हो उठे हैं और अधिशाषी अभियंताओं के चेहरों पर पेमेंट को लेकर चिंता की लकीरें खींच गई हैं. इसमें ज्यादातर कार्य पूरे हो चुके हैं. बता दें कि शहर के सभी वार्डों में 11 करोड़ से विकास कार्य कराए जाने थे, लेकिन जोन में अधिकारियों की मिलीभगत से 47.5 लाख रुपए अधिक के कार्य गुपचुप तरीके से करा दिए गए. वार्ड-17 में 12 लाख, वार्ड-33 में 7 लाख, वार्ड-44 में 13 लाख, वार्ड-52 में 3 लाख, वार्ड-100 में 10 और वार्ड-65 में 2.50 लाख के कार्य पार्षदों की मिलीभगत से गुपचुप तरीके से करा दिए गए.

ऐसा कहते हैं अधिकारी
नगर आयुक्‍त संतोष कुमार शर्मा कहते हैं कि शहर के प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य के लिए 10-10 लाख रुपए आवंटित किए गए थे. लेकिन आवंटित रकम से ज्यादा के कार्य बिना किसी परमिशन के करा दिए गए. इसके लिए जोनों के अधिशाषी अभियंता जिम्मेदार होंगे. पेमेंट के लिए भी स्वयं जिम्मेदार होंगे. ऐसे में जिम्‍मेदारों के खिलाफ़ जरूरी कार्रवाई होनी अब लगभग तय है. मामला तब खुला जब नगर आयुक्त संतोष कुमार के सामने पेमेंट के लिए फाइलें गईं. उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए निर्देशित किया कि 10 लाख से अतिरिक्त के कार्य पर नगर निगम की ओर से पेमेंट नहीं किया जाएगा. इसके लिए जोन के अधिशाषी अभियंता ही जिम्मेदार होंगे.