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मोदी सरकार का दावा: 17,1393 KM सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनवा दी गईं, लेकिन राजस्थान में हैं यहां हालात इतने बुरे

कई शहरों में सडकों पर कीचड़ के चलते आए दिन हादसे होते हैं। नुकीले पत्थर और गडढे हैं, जिनसे वाहन से निकलना तो दूर अपितु पैदल चलना भी दुश्वार हो चला है...

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करौली

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Vijay ram

Jun 04, 2018

Sadak

17 cc notice to RUIPP executive engineer district collector considered

जयपुर/करौली.
हाल ही देश में 4 साल का कार्यकाल पूरा होने पर नरेंद्र मोदी सरकार ने 48months.mygov.in पर अपनी उपलब्धियों को गिनाया। यह वेबसाइट चौथी एनिवर्सरी पर उपलब्धियों के बारे में जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार की गई।

वेबसाइट पर दावा किया गया है कि देशभर में 171393 किमी की सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनवाई गई हैं। इतना ही नहीं, 48 महीनों में देश के 3 लाख 71 हजार गांव खुले में शौच से मुक्त हुए हैं, जबकि 77 करोड़ घरों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत टाॅयलेट बनवाए गए हैं।

साथ ही 134,546,471 मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। उज्जवला योजना और उजाला स्कीम की डीटेल्स और सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने का दावा भी सरकार कर रही है। लेकिन देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान को ही लें तो यहां की सडकें देहात अंचलों व दूर दराज के क्षेत्रों में जर्जर ही पड़ी हैं। जिनसे वाहन से निकलना तो बुरी बात है ही बल्कि पैदल चलना भी दुश्वार हो चला है।

बने राह तो मिले राहत
उदाहरण के लिए, करौली में धंधावली (सूरौठ) को जाने वाली रोड़ के उबड़-खाबड़ पड़ा हाने से राहगीरों को आम रास्ता निकलने में परेशानी झेलनी पड़ ही है। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र भेज सूरौठ से सीधे धंधावली गांव तक डामर सड़क निर्माण की मांग की है।

ग्रामीण रामेश्वर, जगदीश जाट ने बताया कि सूरौठ से सीधे एक किलोमीटर धंधावली गांव को जाने का सीधा रास्ता थाने के सामने से जा रहा है, जो अब तक नहीं बना है। इससे धंधावली, सोमला, सोमली, सोनपाल का पुरा के राहगीर व कस्बे में पढऩे वाले विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बारिश में यह समस्या और बढ़ जाती है। हालात यह होते हैं कि कीचड़ के चलते यह रास्ता ही बंद हो जाता है। ऐसे में मजबूरन लोगों व विद्यार्थियों को एक किलोमीटर का फेर लगाकर आना-जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा।