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रिजर्व मोड़ पर रक्त संग्रहण केंद्र,सामान्य रोगियों को रक्त का टोटा

Blood collection center at reserve turn, blood loss to normal patientsजिला स्तरीय चिकित्सालय में खून कमी

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हिण्डौनसिटी. जिला स्तरीय राजकीय चिकित्सालय में एक वर्ष बाद भी ब्लड़ बैंक प्रारंभ नहीं होने से जरुरतमंद रोगियों को रक्त का टोटा झेलना पड़ रहा है। रक्त की अपर्याप्तता रक्त संग्रहण केंद्र सात दिन से रिजर्व मोड़ (रक्त आरक्षित) पर है। जिसमें आपात स्थिति के लिए चंद यूनिट रक्त रिजर्व रखा गया है। ऐसे में सामान्य रोगियों को रक्त जारी नहीं किया जा रहा है।
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार 29 जनवरी को रक्त संग्रहण केन्द्र में जयपुरिया अस्पताल की ब्लड बैंक से 45 यूनिट रक्त की आपूर्ति हुई थी। ऐसे में पूर्व के 12 यूनिट रक्त सहित संग्रहण केन्द्र में रक्त की उपलब्धता 57 यूनिट हो गई थी। महज 15 दिन में 14 फरवरी तक चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में 51 रोगियों को रक्त चढ़ाया गया। संग्रहण केन्द्र में महज 6 यूनिट रक्त बचने से उसे ऑपेरशन आदि आपात स्थिति के लिए आरक्षित कर लिया है। ऐसे में रक्ताल्पता के सामान्य रोगियों के लिए 15 फरवरी से रक्त जारी नहीं किया गया है। रक्त संग्रहण केन्द्र से 14 फरवरी को एक महिला रोगी को एक यूनिट रक्त जारी किया गया था। ऐसे में एनीमिया के रोगियों को ब्लड बैंक से रक्त की आपूर्ति का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं जरुरतमंद रोगी रक्त के चढ़वाने अन्यत्र जाने को मजबूर हो रहे हैं। गौरतलब है कि गत वर्ष बजट में चिकित्सालय में ब्लड बैंक की घोषणा की थी,लेकिन एक वर्ष बाद शुरू नहीं हो सकी है।

8-10 यूनिट रक्त की दैनिक खपत-
सूत्रों के अनुसार में सामान्य तौर पर चिकित्सालय में 8-10 यूनिट रक्त की प्रतिदिन जरुरत रहती है। सर्वाधिक रक्त की खपत मेडिकल व प्रसूति विभाग में होती है। प्राय: रक्त संग्रहण केन्द्र में अर्पाप्तता के चलते अधिक जरुरत होने पर ही चिकित्सकीय परामर्श पर रक्त जारी किया जाता है। जनवरी माह में कुल 48 यूनिट रक्त लगाया गया। इसमें से मेडिकल वार्ड में 27 व प्रसूति वार्ड 19 रोगियों को रक्त लगाया गया।

गाइड लाइन भी दरकिनार-
अस्पताल में अति रक्ताल्पता के रोगियों की आवक से रक्त संग्रहण केंद्र में ब्लड रिजर्व रखने की गाइड लाइन की पालना नहीं हो पा रही है। चिकित्सा विभाग ने रिजर्व मोड़ के लिए 20 यूनिट (प्रति ग्रुप 5 यूनिट) रक्त रखने का नियम है। लेकिन रक्त संग्रहण केंद्र में ए और ओ ग्रुप के 2-2 व बी और एबी गु्रप का 1-1 यूनिट रक्त है।

दो मदर ब्लड बैंक, फिर भी टोटा-
रक्त संग्रहण केंद्र की मदर ब्लड बैंक के तौर पर करौली व जयपुरिया अस्पताल ब्लड बैंक से सम्बद्ध होने के बाद भी रक्त का टोटा रहता है। हाल ही में 29 जनवरी को भारत विकास परिषद की ओर से लगे रक्तदान शिविर में 137 जनों से जयपुरिया अस्पताल की टीम ने 93 व करौली ब्लड बंैंक की टीम ने 44 यूनिट रक्त संग्रहण किया। गौरतलब है करौली ब्लड बैंक के अप्रेल 2022 को 10 यूनिट रक्त के बाद आपूर्ति नहीं मिली है।

इनका कहना है।

रक्त की आपूर्ति के लिए मदर ब्लड बैंक करौली व जयपुरियां अस्पताल की ब्लड बैंक को आज-कल में मांग पत्र भेजा जाएगा। जल्द की रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल आपात स्थिति के लिए कुछ यूनिट रक्त रिजर्व किया हुआ है।
– डॉ. पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता , प्रमुख चिकित्सा अधिकारी
जिला चिकित्सालय हिण्डौनसिटी