1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कर्जमाफी को लेकर कांग्रेस का राज्य सरकार पर निशाना- कहा, झूठ के सहारे सत्ता फिर तोड़ी किसानों की कमर

भाजपा ने किसानों को गुमराह कर झूठ के सहारे सत्ता तो हासिल कर ली, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

करौली

•

image

Punit Kumar

•

Updated: 20 Nov 2017, 8:55 PM IST

Rajasthan Congress Leaders

करौली। किसानों की कर्ज माफी, सिंचाई के लिए आठ घंटे बिजली और जिला प्रशासन के अधिकारियों के नकारेपन के खिलाफ कांग्रेस की ओर से यहां स्टेडियम में सोमवार को आयोजित धरने में कांग्रेस नेता केन्द्र और राज्य सरकार पर जमकर बरसते नजर आए। इस दौरान नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के झूठे वादों ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सह सचिव और प्रदेश के सहप्रभारी देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा ने किसानों को गुमराह कर झूठ के सहारे सत्ता तो हासिल कर ली, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया। फसल का उचित दाम नहीं मिलने तथा नोटबंदी से किसान बर्बाद हो गया है। उन्होंने जीएसटी को फैल करार दिया तथा कालेधन के मामले में सरकार को विफल बताया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने भाजपा को किसान और निर्धनों की विरोधी करार दिया।

उन्होंने कहा कि किसानों को बिजली नहीं मिल रही है, खाद-बीज भी महंगा कर दिया है, ऐसे में किसानों की कर्ज माफी नहीं होने तक कांग्रेस का आन्दोलन जारी रहेगा। उन्होंने भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र को झूठ का पुलिंदा करार दिया। पूर्व मंत्री महेन्द्र जीत सिंह मालवीय ने दावा कि गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा,कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर अटल सेवा केन्द्रों का नाम फिर से राजीव गांधी के नाम पर रखा जाएगा।

राज्य सरकार पर लगाए कई आरोप-

विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रामनारायण मीना ने किसानों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि जीएसटी से गांवों का व्यापार समाप्त हो गया है। बाडी के विधायक गिर्राज मलिंगा, एसटी मोर्चा के अध्यक्ष शंकरलाल, सवाईमाधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना,पूर्व विधायक कैलाश मीना अकलेरा, कांग्रेस के जिला प्रभारी सचिव अशोक सैनी,प्रदेश सचिव विजय यादव ने भाजपा सरकार पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराने और प्रदेश का विकास ठप करने का आरोप लगाया।

झूठे प्रचार से हार गए-

पूर्व केन्द्रीय मंत्री नमोनारायण मीना ने कहा कि कांग्रेस की केन्द्र व राज्य सरकारों ने सभी क्षेत्रों में खूब विकास कार्य कराए, लेकिन भाजपा द्वारा फैलाए गए झूठ से कांग्रेस चुनाव हार गई। इसके बाद केन्द्र सरकार ने किसान तथा निर्धन तबके लोगों का शोषण शुरू कर दिया है। मोदी की सरकार धन्ना सेठों की सरकार है।

उन्होंने कहा कि जब व्यापारियों का कर्जा माफ किया जा सकता है तो किसानों का क्यों नहीं। मीना ने जीएसटी तथा नोटबंदी को असफल करार दिया। इसके अलावा मीना ने गंगापुर सिटी-धौलपुर रेल परियोजना के कार्य को बंद कराने पर केन्द्र व राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में रेल लाइन के कार्य को चालू कराने के विषय को शामिल किया जाएगा। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मामू ने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करा पाई है। जिससे जनता का सरकार से मोहभंग हो गया है। स्वागत भाषण कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष कन्हैयालाल शर्मा ने दिया।

जनता को डराने के लिए काला कानून

पूर्व विधायक व कांग्रेस के नेता प्रतापसिंह खाचरियवास ने प्रदेश की बदहाली के लिए मुख्यमंत्री पर सीधा निशाना साधा,उन्होंने कहा कि काले कानून के जरिए सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को बचाकर मीडिया पर प्रतिबंध लगाना चाहती है। इसका और जबरदस्त विरोध करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजरी माफिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में दलाल और माफिया पनपा दिए हैं। खाचरियावास ने चुनाव के समय भाजपा नेताओं को सबक सिखाने का आग्रह किया।

लोकतंत्र को बनाया मजाक,भय का माहौल

धरना सपोटरा विधयक व उपनेता प्रतिपक्ष रमेश मीना के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इस दौरान मीना ने कहा कि बिजली के नाम पर जिले में राजनीति होने से किसानों कीफसल चौपट हो गई है, उन्होंने प्रभावशाली नेताओं के इशारों पर बिजली सप्लाई बंद तथा चालू करने, कनेक्शन स्वीकृत किए जा रहे हैं। मीना ने करौली के जिला कलक्टर पर लोकतंत्र का मजाक बनाने का आरोप लगाया,कहा कि कलक्टर फरियादियों से मिलना पसंद नहीं करते हैं।

नियमों को ताक में रख एक तरफा कार्रवाई की जा रही है। विधायक मीना ने कलक्टर पर चोरी के बिजली से अपने घर को रोशन करने का आरोप भी लगाया है। विधायक ने कहा कि पुलिस खुलेआम चौथ वसूली करती तथा हत्याओं के मामले का खुलासा नहीं कर पा रही है। इस कारण जिले में लोग पुलिस से दुखी हैं।

मीना ने बताया कि धरना तीन दिवसीय था, लेकिन जिला कलक्टर के अवकाश पर चले जाने की वजह से एक दिन का रखा गया है। कलक्टर अवकाश से लौटेगें तो फिर से धरना दिया जाएगा। धरने के बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलक्टर को सौंपा। तो वहीं धरने की सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन का भारी जाप्ता मौजूद था।