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Karauli News : दो वर्ष में भी नहीं बना भवन, एक कमरे में चल रहा अस्पताल

ग्रामीण क्षेत्र के रोगियों को समुचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने भले ही निसूरा गांव की एड पोस्ट डिस्पेंसरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर क्रमोन्नत कर दिया हो, लेकिन ग्रामीणों को समुचित चिकित्सा सुविधाएं ही नहीं मिल पा रही हैं।

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Health News : ग्रामीण क्षेत्र के रोगियों को समुचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने भले ही निसूरा गांव की एड पोस्ट डिस्पेंसरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर क्रमोन्नत कर दिया हो, लेकिन ग्रामीणों को समुचित चिकित्सा सुविधाएं ही नहीं मिल पा रही हैं। चिकित्सा सुविधाओं का टोटा तो है ही। इससे भी बड़ी समस्या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्थानाभाव की बनी हुई है। वर्तमान में पीएचसी महज एक कमरे में संचालित हो रही है।

असल में गांव में पीएचसी के लिए करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा भवन का निर्माण कार्य अधूरा होने से चिकित्सक व मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की अनदेखी के चलते भवन निर्माण कार्य 6 माह से बंद है। भवन निर्माण नहीं होने से लोगों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। लोगों को इलाज के लिए दूर दराज के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। गौरतलब है कि 2 वर्ष पहले निसूरा एड पोस्ट डिस्पेंसरी को पीएचसी में क्रमोन्नत कर दिया गया। पीएचसी के लिए नया भवन भी स्वीकृत हो गया। संवेदक ने भवन निर्माण भी शुरू कर दिया। लेकिन संवेदक ने कुछेक हिस्से का काम कराकर निर्माण कार्य बंद कर दिया।

भवन निर्माण हो तो मिले सुविधा : ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी का भवन निर्माण होने पर लोगों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। पीएचसी से जुड़े निसूरा, भोपुर, बहादुरपुर, कंजौली, आखवाड़ा, आरेज सहित दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी

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न बैठने को जगह और न दवाई रखने को ठौर
संवेदक ने नया भवन बनाने के लिए पुराने भवन को तोड़ दिया। अब अस्पताल महज एक कमरे में संचालित हो रहा है। ऐसे में चिकित्सकों को मरीज देखना तो दूर खुद को बैठने व दवाई रखने के लिए भी जगह नहीं है। इन दिनों खासी, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में मरीजों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से दूर दराज के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है या फिर झोलाछापों की शरण लेनी पड़ रही है।

पीएचसी के भवन निर्माण के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं को कई बार अवगत करा दिया है। भवन निर्माण नहीं होने से दवाइयां रखने, बैठने सहित मरीजों को देखने में काफी परेशानी हो रही है।
डॉ. मनीष गुर्जर प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निसूरा