
जिला अस्पताल में रक्त का टोटा, रिजर्व मोड़ पर रक्त संग्रहण केंद्र
जिला राजकीय चिकित्सालय में ब्लड बैंक शुरू नहीं होने से रोगियों को रक्त का टोटा झेलना पड़ रहा है। रक्त की अपर्याप्तता रक्त संग्रहण केंद्र 15 दिन से रिजर्व मोड़ (रक्त आरक्षित) पर है। जिसमें आपात स्थिति के लिए चंद यूनिट रक्त रिजर्व रखा गया है। ऐसे में सामान्य रोगियों को रक्त जारी नहीं किया जा रहा है।
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार 26 सितम्बर को रक्त संग्रहण केन्द्र में जयपुरिया अस्पताल की ब्लड बैंक से 35 यूनिट की तुलना में 25 यूनिट रक्त की आपूर्ति मिली थी। इससे अस्पताल में भर्ती जरुरतमंद रोगियों को रक्त की आपूर्ति शुरू हो गई थी। लेकिन सभी रक्त समूहों में पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं मिलने से रक्त संग्रहण केंंद्र रिजर्व मोड से बाहर नहीं निकल सका।
अस्पताल में ऑपरेशन व अत्यंत रक्ताल्पता के रोगियों के लिए रक्त जारी करने से चंद सप्ताह में सभी ग्रुपों में रक्त की उपलब्धता चंद यूनिटों में ही सिमट गई। चिकित्सालय में शुक्रवार को महज 6 यूनिट ही रक्त उपलब्ध था। इसमें ने ओ ग्रुप के रक्त उपलब्ध नहीं था। रक्त संग्रहण केन्द्र में रक्त की कमी के चलते एनीमिक रोगियों को निजी क्षेत्र की ब्लड बैंकों और सम्बद्ध अस्पतालों में पहुंच रक्त लगवाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि संग्रहण केंद्र से 5 दिन से रोगियों के लिए रक्त नहीं दिया गया है। उपलब्ध रहीं 6 यूनिट रक्त को ऑपरेशन व अन्य आपात स्थिति में रखा गया है।
करौली से नहीं मिला रक्त, अब जयपुर से उम्मीद
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार रक्त संग्रहण केन्द्र में रक्त की उपलब्धता के लिए 27 अक्टूबर को करौली मदर ब्लड बैंक को 32 यूनिट का मांग पत्र भेजा था। वहां से रक्त की कमी बता कर आपूर्ति देने मेंं असमर्थता जता दी। ऐसे में अब द्वितीय मदर ब्लड बैंक जयपुर अस्पताल को ए, बी व ओ ग्रुप की 10-10 यूनिट व एबी ग्रुप की 2 यूनिट का मांग पत्र भेजा है।
कम आपूर्ति से गाइड लाइन भी अधूरी
समय पर रक्त की आपूर्ति नहीं मिलने से अस्पताल के रक्त संग्रहण केंद्र में ब्लड रिजर्व रखने की गाइड लाइन की पालना नहीं हो पा रही है। चिकित्सा विभाग ने रिजर्व मोड़ के लिए 20 यूनिट (प्रति ग्रुप 5 यूनिट) रक्त रखने का नियम है। लेकिन रक्त संग्रहण केंद्र में ए गु्रप के 2 बी ग्रुप की 3 तथा एबी ग्रुप की एक यूनिट रक्त है।
सीएम विजिट में हिण्डौन से भेजा ब्लड़
करौली ब्लड बैंक में एबी पॉजिटव ग्रुप का ब्लड नहीं होने से शुक्रवार को मुख्यमंत्री दौरे के प्रॉटोकाल में हिण्डौन से एक यूनिट रक्त भेजा गया। गनीमत थी कि रक्त का टोटा झेल रहे रक्तसंग्रहण केंद्र में मुख्यमंत्री के ब्लड ग्रुप का एक यूनिट रक्त शेष था। अन्य था प्रोटोकॉल की पालना में जयपुर या भरतपुर से मंगवाना पड़ता।
Published on:
03 Nov 2023 10:37 pm
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