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VIDEO: अंधड़-बारिश से चौपट की देसी आम की पैदावार

बालघाट. क्षेत्र में मौसम के बिगड़े मिजाज से देसी आम की पैदावार पर असर पड़ा है। करौली जिले के कई इलाकों में देसी आम की पैदावार होती है। जिससे अनेक किसान जुड़े हुए हैं, लेकिन इस बार मौसम में उतार चढ़ाव के चलते पैदावार खराब हो रही है। किसान नेता शिवदयाल मीणा ने बताया कि आंधी व बारिश से जिले में पैदा होने वाले देसी आम की पैदावार चौपट हो गई। पिछले दिनों तेज अंधड़ के कारण आम पेड़ों से समय से पहले ही टूटकर खराब हो गया। आधी राह गई मिठास किसानों ने बताया कि देसी आम की मिठास का अपना अलग ही स्वाद होता है

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अंधड़-बारिश से चौपट की देसी आम की पैदावार
बालघाट. क्षेत्र में मौसम के बिगड़े मिजाज से देसी आम की पैदावार पर असर पड़ा है। करौली जिले के कई इलाकों में देसी आम की पैदावार होती है। जिससे अनेक किसान जुड़े हुए हैं, लेकिन इस बार मौसम में उतार चढ़ाव के चलते पैदावार खराब हो रही है। किसान नेता शिवदयाल मीणा ने बताया कि आंधी व बारिश से जिले में पैदा होने वाले देसी आम की पैदावार चौपट हो गई। पिछले दिनों तेज अंधड़ के कारण आम पेड़ों से समय से पहले ही टूटकर खराब हो गया।

आधी राह गई मिठास

किसानों ने बताया कि देसी आम की मिठास का अपना अलग ही स्वाद होता है। जो लोगों को काफी पसंद आता है, लेकिन इस बार गर्मी ठीक से नहीं पडऩे और ठंडक का वातावरण बने रहने से आम की फसल ठीक तरह से विकसित नहीं हो पाई। जिससे आम की मिठास भी आधी रह गई। जानकार बताते है कि गर्म हवा और तेज गर्मी में आम की फसल बेहतर तरीके से विकसित होती है, लेकिन मौसम खराब होने से फसल पर विपरीत असर पड़ा है।

फसल में रोग भी लगा

देसी आम की पैदावार बेमौसम बारिश और अंधड़ से तो खराब हुई है। इसके अलावा फसल में इस बार फंगस रोग भी देखने को मिला है। जिससे आम समय से पहले ही काले पड़कर पेड़ों से झड़ गए। जिससे बागवानी से जुड़े किसानों को इस बार अच्छा मुनाफा नहीं मिल पाया है। देसी आम स्थानीय मंडियों के अलावा बाहर भी सप्लाई होता है। टोडाभीम क्षेत्र के पदमपुरा राजोर बालघाट भण्डारी सहित अन्य इलाकों में देसी आम की पैदावार होती है। जहां कई पेड़ है। जो देसी आम से लकदक नजर आते हैं।