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जैन आचार्य वर्धमान सागर का अपनी दीक्षा स्थली में पहला चातुर्मास

First Chaturmas of Jain Acharya Vardhman Sagar at his initiation site श्रीमहावीरजी में वर्षायोग साधना के लिए 54 वें चातुर्मास की हुई कलश स्थापना आरके मार्बल्स किशनगढ़ के अशोक पाटनी-सुशीला पाटनी रहे प्रधान कलश स्थापना के लाभार्थी

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श्रीमहावीरजी/हिण्डौनसिटी. श्रीमहावीरजी आस्थाधाम में मुनि दीक्षा धारण करने के 53 वर्ष बाद जैनाचार्य वर्धमान सागर की वर्षा योग साधना के लिए सोमवार को चातुर्मास कलश स्थापना की गई। भगवान महावीर महामस्तकाभिषेक ओर पंचकल्याणक महोत्सव समिति के तत्वावधान में वर्धमान सभागार में कलश स्थापना समारोह सम्पन्न हुआ। जैनाचार्य वर्धमान की नगरी में 54वां चातुर्मास कर रहे हैं। दीक्षास्थली श्रीमहावीरजी में जैनाचार्य का पहला चातुर्मास है।

श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीरजी के प्रबंध कारिणी अध्यक्ष सुधांशू कासलीवाल, मंत्री महेंद्र कुमार पाटनी व कोषाध्यक्ष विवेक काला ने बताया कि आचार्य वर्धमान सागर ने 54वां भव्य चतुर्मास मंगल कलश की स्थापना समारोह में आचार्य वर्धमान के ससंघ मुनि, आर्यिकाओं के अलावा जैन मुनि विमल सागर, आर्यिका सृष्टि भूषण मौजूद रहीं। शांति नगर से मंगल प्रवेश और मुख्य मंदिर में भगवान जिनेंद्र के दर्शन पूजा के बाद दोपहर बाद जैनाचार्य ससंघ कलश स्थापना स्थल वर्धमान सभगार में प्रवेश किया। पांडाल में सभी श्रावक सफेद वस्त्र में व श्राविकाएं केसरिया साड़ी पहने थी।

कार्यक्रम के प्रारंभ में संघस्थ पूनम एवं दीप्ति ने महावीर मंगलम् मंगलाचरण किया। आसन ग्रहण करने पर आयोजन समिति की ओर से सभी जैन मुनियों के पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए गए। साथ ही अष्ट द्रव्य से संगीतमय पूजन किया गया। भामाशाह अशोक पाटनी ने उद्बोधन में चातुर्मास एवं पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सहित महामस्तकाभिषेक महोत्सव के सानन्द सम्पन्न के लिए आचार्यश्री से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर कलक्टर अंकित सिंह, एसपी नारायण टोगस एवं एसडीएम अनूप सिंह, डीएसपी किशोरीलाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रीफल भेट कर आचार्यश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।

ये रहे पूजन व पाद प्रक्षालन के लाभार्थी
इस मौके पर पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए सौधर्म के रुप में सौभागमल राजेन्द्र कटारिया, चक्रवर्ती के रूप में आरके मार्बल किशनगढ के सुरेश-शांता पाटनी, कुबेर के रूप में अनिल, दीपक सेठी को सौभाग्य मिला। आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य अनिल दीपक सेठी बैंगलोर को मिला। वहीं जिनवाणी भेंट करने के लाभार्थी चन्दन, सुनील पहाडिय़ा रहे। चातुर्मास के लिए कमेटी की ओर से श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। चातुर्मास स्थापना के मुख्य कलश का सौभाग्य अशोक जैन पाटनी आरके मार्बल किशनगढ़ वालों ने प्राप्त किया।


इस अवसर पर जयपुर अजमेर टोक कोटा मुंबई, दिल्ली, इंदौर, झालावाड़ आदि स्थानों से श्रावक, श्राविकाओं ने आचार्यश्री के चरणों में श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं आचार्यश्री ने मंत्रोच्चार द्वारा विधि विधान से कलशों की स्थापना कर चातुर्मास की घोषणा कर श्रावक, श्राविकाओ को मंगलमय आशीर्वाद दिया। कहा कि इन चार माह में देव, शास्त्र, गुरु की पूजन, प्रवचन, स्वाध्याय, तप, संयम के माध्यम से अपने जीवन को सफल बनाएं। अंत में सभी समाज जन और बाहर से आए अतिथियों का वात्सल्य भोजन का आयोजन किेया गया।

53 छोटे और एक प्रधान कलश की हुई स्थापना-
गंभीर नदी की ओर सन्मति धर्मशाला के सामने विशाल डोम पाण्डाल में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना के प्रधान कलश स्थापना के लाभार्थी आरके मार्बल्स किशनगढ़ के अशोक पाटनी-सुशीला पाटनी रहीं। आचार्य वर्धमान सागर की वर्षायोग साधना के 54 के चातुर्मास के लिए लिए एक प्रधान कलश व 53 छोटे कलश स्थापित किए गए।

जैन आचार्य वर्धमान सागर का अपनी दीक्षा स्थली में पहला चातुर्मास