हिण्डौनसिटी. राजकीय चिकित्सालय में डेढ़ माह से ठप पड़ा ऑक्सीजन प्लांट मरम्मत के बाद चंद दिन में ही हांफ गया। महज चार में प्लांट से ऑक्सीजन उत्पादन बंद होने से एक बार फिर अस्पताल सिलेण्डरों के आश्रित हो गया है। वार्डों और आईसीयू मेंं भर्ती रोगियों की उखड़ती सांसों को सिलेण्डर मंगवाकर मैनीफोल्ड से प्राणवायु की आपूर्ति दे संवारा जा रहा है। चिकित्सालय में दो अन्य ऑक्सीजन प्लांट पहले से ही बंद पड़े हैं।
जिला स्तरीय चिकित्सालय में दो वर्ष पहले कोरोना काल में 24, 100 और 75 सिलेण्डर क्षमता के तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराए थे। जिससे 250 पलंग क्षमता के अस्पताल में पर्याप्त ऑक्सीजन का उत्पाद हो सके। इससे तीनों प्लांटों से प्रति दिन 199 सिलेण्डर ऑक्सीजन उत्पादन शुरू हो गया। लेकिन संबंधित कम्पनियों की ओर से नियमित वार्षिक रखरखाब नहीं किए जाने से ऑक्सीजन प्लांट ठप हो गए। करीब डेढ माह से बंद पड़े 24 सिलेण्डर क्षमता के प्लांट को नई दिल्ली की यूनिसी प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी से आए इंजीनियरों ने एक जून को देर रात मरम्मत कर सुचारू कर दिया। हर रोज 24 सिलेण्डर का उत्पादन से अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेण्डर मंगवाने पर विराम लग गया। लेकिन मात्र चार दिन बाद 5 जून को फिर ऑक्सीजन की गुणवत्ता गडबड़ाने से प्लांट ठप हो गया। इससे करौली के निजी ऑक्सीजन प्लांट से हर रोज ऑक्सीजन सिलेण्डर मंंगवाकर वार्डों में भर्ती रोगियों की सांसों को संवारा जा रहा है।
रील इंजीनियर देख कर लौटे-
चिकित्सालय में 175 क्षमता के दो अन्य ऑक्सीजन प्लांट भी खराब पड़े हैं। अप्रेल माह के दूसरे सप्ताह से बंद पड़े रील कम्पनी के प्लांट की जांच करने गत दिनों इंजीनियर आए। लेकिन मरम्मत किए बिना ही लौट गए। गौरतलब है कि अस्पताल में एनएचएम से स्वीकृत 100 सिलेण्डर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट रील कम्पनी ने स्थापित किया है। जबकि नगर परिषद से माध्यम से लगा 75 सिलेण्डर के क्षमता ऑक्सीजन कुछ माह चलने के बाद से ठप हो गया।
प्रतिदिन खप रहे 25 सिलेण्डर-
तीनों ऑक्सीजन प्लांट ठप होने से चिकित्सालय में सिलेण्डरों से मैनीफोल्ड के जरिए जरुरतमंद रोगियों को ऑक्सीजन दी जा रही है। सर्वाधिक ऑक्सीजन की जरुरत आईसीयू, एसएनसीयू व मेडिकल वार्ड में पड़ती है। जिससे प्रतिदिन करीब 25 सिलेण्डर खपत हो रही है। ऐसे में प्रति दिन करौली से सिलेण्डरों को रिफिल कर मंगवाया जा रहा है।
इनका कहना है
आठ दिन पहले यूनिसी कम्पनी के इंजीनियरों ने प्लांट सुचारू की दिया था। लेकिन चार दिन बाद ही प्लांट से धुंआ निकलने के कारण खतरे आशंका में प्लांट बंद कर दिया है। फिर से कम्पनी के इंजीनियरों को सूचना दी है।
पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता,पीएमओ
जिला चिकित्सालय, हिण्डौनसिटी.
फैक्ट फाइल-
जिला चिकित्सालय पलंग क्षमता- 250
वार्डों में ऑक्सीजन प्वाइंट- 110
ऑक्सीजन प्लांट तीन(बंद)
50 सिलेण्डर की मैनीफोल्ड यूनिट – तीन (चालू)
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर- 113