
शादी में दूल्हा-दुल्हन को दिया भारतीय संविधान की प्रति का उपहार
हिण्डौनसिटी. शादियों में दहेज के रूप में मंहगे जेवरात और मोटी रकम देने की चर्चाएं आम होती हैं, लेकिन रविवार रात शहर की जाटव बस्ती में हुए शादी समारोह में नव दंपती को माता-पिता ने भारत के संविधान की पुस्तक का उपहार भेंट किया। तमाम आडम्बरों को किनारे कर बौद्ध रीति रिवाज से संपन्न हुए विवाह को देखने के लिए घराती और बारातियों के अलावा काफी संख्या में लोग देर रात तक डटे रहे।
खास बात यह रही कि नव दंपती ने न केवल भारतीय संविधान की शपथ ली, बल्कि धम्मकीर्ति चक्र व संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्रपट के समक्ष शांति व शाकाहार की प्रतिज्ञा की। जाटव बस्ती निवासी दिनेश कुमार व राधा देवी की बेटी सुनैना का विवाह नई दिल्ली के बेगमपुर निवासी अनुज के साथ संपन्न हुआ। जिसमें नागपुर के धम्मकीर्ति आचार्य लोकपाल, आचार्य आलोक व आचार्य नागमित्रा ने बौद्ध परंपरा के अनुसार दूल्हा-दुल्हन को 22 प्रतिज्ञाएं दिलाई। उल्लेखनीय है कि करीब तीन वर्ष पहले ही जाटव बस्ती के 50 परिवारों के करीब 300 लोगों ने बौद्ध धर्म स्वीकार किया था। इनमें वधू का परिवार भी शामिल था।
आमंत्रण कार्ड में उच्च शिक्षा का संदेश-
इस शादी के लिए जो आमंत्रण कार्ड छपवाया गया, उसमें पारंपरिक तौर पर हिन्दू देवी देवताओं की जगह तथागत बौद्ध, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, सम्राट अशोक, संत रविदास, संत कबीर, संत वाल्मिकी, रामा स्वामी पेरियार, संत गुरुनानक, सावित्री बाई फूले, महात्मा ज्योतिबा फूले, छत्रपति साहूजी महाराज की तस्वीरों को स्थान दिया गया। इसके अलावा विज्ञान व उच्च शिक्षा को मानव जीवन में मुक्ति का मार्ग बताया है।
Published on:
03 Feb 2020 11:43 pm
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