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करौली/हिण्डौन/टोडाभीम/मण्डरायल.
बीते साल मानसून की बेरुखी से मुरझाए हुए रहे जल—बांध इस बार मानसून के पहले दौर की झमाझम बारिश से मुस्कुराने लगे हैं। किसान व आमजन पानी की इस आवक से खुश हैं।
हालांकि अभी मानसून के दो महीने शेष है, किंतु उम्मीद है कि सूबे में ज्यादातर बांध-तालाब पहली बारिश में ही लबालब हो जाएंगे। जिले के प्रमुख पांचना बांध मे करीब १२ फीट पानी बढ़ चुका है, जबकि हिण्डौनसिटी क्षेत्र के प्रमुख जगर बांध में अब तक करीब छह फीट पानी की आवक हुई है। वहीं एक माह पहले तक पानी को तरस रहे विशनसमंद बांध का पेटा भी अब करीब ९.५ फीट पानी भरने से हिलोरें मार रहा है।
जल संसाधन विभाग के अधीन जिले में १३ बांध हैं, जिनमें खण्ड में तीन, सपोटरा में पांच, हिण्डौनसिटी में चार तथा श्रीमहावीरजी (नादौती) में एक बांध शामिल है। हालांकि इनमें से कुछ बांधों को अभी पानी आने का इंतजार है। जल संसाधन विभाग के हिण्डौन उपखण्ड अन्तर्गत चार बांध हैं। इनमें प्रमुख जगर बांध है, जबकि तीन अन्य बांधों में टोडाभीम इलाके में विशनसमंद, न्यूटैंक महस्वा और मोहनपुरा के बांध है। गत वर्ष क्षेत्र मानसून का जोर कमजोर रहा। नतीजतन बांध-तालाबों में पानी का टोटा बना रहा। ऐसे में अधिकांश बांधों से क्षेत्र के किसानों को भी पानी नहीं मिल सका था।
पांचना-जगर में बढ़ा पानी
जल संसाधन विभाग के अनुसार गत १५ जून को करौली के पांचना बांध में पानी का स्तर २४७ मीटर पर था। २५८.६२ मीटर की भराव क्षमता के इस बांध का वर्तमान में जलस्तर २५१.५६ मीटर पर है। वहीं बीते वर्ष जगर बांध पर हुई बारिश के मुकाबले इस बार अभी तक अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। गत वर्ष जगर बांध पर जहां महज १९७ एमएम बारिश दर्ज की गई, वहीं इस बार अभी तक २२० एमएम बारिश हो चुकी है। जबकि अभी पूरे सावन-भादौ माह बाकी है। ३० फीट की भराव क्षमता के जगर बांध में वर्तमान में करीब १२.५ फीट पानी है, जबकि १५ जून को बांध में ६.३ फीट पानी था।
विशनसमंद एक तिहाई भरा
टोडाभीम इलाके का विशनसमंद बांध भी इन दिनों हिलोरें मार रहा है। महज एक माह पहले तक पानी बिना बेहाल हो रहा यह बांध अब करीब ९.५ फीट पानी भरने से मुस्कुरा रहा है। बांध में पानी की आवक और हिलारों को देख क्षेत्र के बाशिंदे भी खुशी जताते हैं। हालांकि इस बांध की भराव क्षमता २६ फीट है।
५४०० हैक्टेयर भूमि होती है सिंचित
जल संसाधन विभाग हिण्डौनसिटी के सहायक अभियंता बीएल शर्मा ने बताया कि हिण्डौन क्षेत्र के प्रमुख जगर बांध से क्षेत्र की करीब ५४०० हैक्टेयर भूमि में फसल सिंचित होती है। गत वर्ष कम बारिश के चलते बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा सका था। इस बांध से करीब दो दर्जन से अधिक गांवों की फसलों को फायदा मिलता है।
जिले के वे बांध, जिनमें पानी की आवक हुई
बांध का नाम भराव क्षमता वर्तमान स्थिति
पांचना बांध २५८.६२ २५१.५६
जगर ३० १२.५
विशनसमंद २६ ९.६
मामचारी १७.६ ३.८
कालीसिल २५ ९.७
फतेहसागर १६ १०.९
न्यूटैंक महस्वा ८ ३
(पांचना का आंकड़ा मीटर में शेष फीट में)
जिले में अब तक बारिश (एमएम)
सपोटरा २२६
कालीसिल ४३३
हिण्डौन २३२
जगर बांध २२०
टोडाभीम २२१
नादौती ३३४
श्रीमहावीरजी ३०७
करौली २६७
पांचना ३०५
मण्डरायल १७४
बांधों में आया है पानी
इस बार मानसून की अच्छी शुरूआत से जिले के बांधों में पानी की आवक हो रही है। यह अच्छे संकेत हैं। हालांकि अभी कुछ बांधों में पानी नहीं आया है। उम्मीद है आने वाले दिनों में इसी तरह की बारिश हुई तो जिले के सभी बांध लबालब हो जाएंगे।
— विजयकुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग, करौली।
Published on:
23 Jul 2018 08:41 pm
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