
ऑपरेशन करगिल में सरहद पर साहस दिखा चुके जाबांज की पटरी पर मौत
हिण्डौनसिटी.
मुम्बई-दिल्ली रेल मार्ग पर श्रीमहावीरजी व हिण्डौनसिटी रेलवे स्टेशन के बीच शुक्रवार अलसुबह एक पूर्व सैनिक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। गेट मैन की सूचना पर स्टेशन मास्टर के मैमो पर कोतवाली थाना पुलिस ने शव को राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौपा दिया। मृतक श्रीमहावीरजी थाना क्षेत्र के आरेज गांव निवासी राजाराम गुर्जर (४८) पुत्र हुकम सिंह गुर्जर है।
स्टेशन मास्टर फतेहसिंह मीणा ने बताया कि सुबह करीब साढ़े छह बजे मुम्बई की ओर से गरीब रथ ट्रेन दिल्ली जा रही थी। इस दौरान पटरी के खड़ा एक जना तेज रफ्तार में गुजर रही ट्रेन जा घुसा। टे्रन निकलने के बाद डाउन ट्रेक पर शव पड़ा देख गेटमैन विजय पाल ने स्टेशन मास्टर को सूचित किया। इस पर कोतवाली थाना के सहायक उपनिरीक्षक लक्कीराम मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और पटरियों के पास मिली बाइक के आधार पर शव की शिनाख्त कराई। परिजनों के आने के बाद शव का राजकीय चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया। इस मामले में मर्ग कोतवाली पुलिस ने मर्ग रिपोर्ट दर्ज की है।
घर से निकलने के डेढ़ घंटे बाद मिली मौत की खबर-
मृतक पूर्व सैनिक राजाराम गुर्जर का शव आरेज गांव पहुंचने पर परिवार में कोहराम मच गया। महिलाएं व बच्चे फफक पड़े के चंद घंटे पहले ही हिण्डौन जाने की कह कर निकले थे। मृतक के भाई जनकसिंह गुर्जर ने बताया कि राजाराम शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे घरेलू काम से बाइक से हिंडौनसिटी जाने की कह घर से निकला था। इसके डेढ़ घंटे बाद झारेड़ा फाटक के गेटमैन ने परिजनों को फोन कर राजाराम के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना दी। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे तो राजाराम पटरी के पास खून से लथपथ मिला।
ऑपरेशन करगिल विजय में दिखाया था जज्बा-
परिजनों के अनुसार राजाराम ने 1999 के कारगिल युद्ध में भाग लिया और सेना के कई ऑपरेशनों में साहस दिखा दुश्मनों और घुसपैठियों को पस्त किया था। राजाराम भारतीय सेना की ईएमई कंपनी में 16 वर्ष 6 माह 29 दिन सेवाएं देकर 31 अगस्त 2002 को सेवानिवृत्त हो गए। राजाराम की मौत की खबर सुनते ही गांव में शोक छा गया। मृतक के दो पुत्र व एक पुत्री है।
Published on:
29 Sept 2018 12:07 am
