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अवैध खनन ने खोखले किए पहाड़, बिगड़ रहा प्राकृतिक संतुलन

सपोटरा. वन क्षेत्र में अवैध खनन और कटाई पर रोक नहीं लग रही है। जिससे प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। वन क्षेत्रों में अवैध कटाई से जंगल भी कम हो रहे हैं। वन क्षेत्रों के पहाडों से जेसीबी चलाकर चेंजा पत्थर निकाला जा रहा है। उपखंड क्षेत्र के मांगरोल, आडाडंूगर, कांचरोदा, भरतून, बूकना, निशाना, सपोटरा आदि वन क्षेत्रों से पहाड़ों को खोदकर खोखला किया जा रहा है। क्षेत्र के दौलतपुरा, कल्याणपुरा, चैनपुरा, आडाडंूगर, गैरई के वन क्षेत्रों में पेड़ों की अवैध कटाई व खनन हो रहा है। वन्यजीवों के पर्यावास

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अवैध खनन ने खोखले किए पहाड़, बिगड़ रहा प्राकृतिक संतुलन

अवैध खनन ने खोखले किए पहाड़, बिगड़ रहा प्राकृतिक संतुलन

अवैध खनन ने खोखले किए पहाड़, बिगड़ रहा प्राकृतिक संतुलन सपोटरा. वन क्षेत्र में अवैध खनन और कटाई पर रोक नहीं लग रही है। जिससे प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। वन क्षेत्रों में अवैध कटाई से जंगल भी कम हो रहे हैं। वन क्षेत्रों के पहाडों से जेसीबी चलाकर चेंजा पत्थर निकाला जा रहा है। उपखंड क्षेत्र के मांगरोल, आडाडंूगर, कांचरोदा, भरतून, बूकना, निशाना, सपोटरा आदि वन क्षेत्रों से पहाड़ों को खोदकर खोखला किया जा रहा है। क्षेत्र के दौलतपुरा, कल्याणपुरा, चैनपुरा, आडाडंूगर, गैरई के वन क्षेत्रों में पेड़ों की अवैध कटाई व खनन हो रहा है। वन्यजीवों के पर्यावास पर संकट वनों में अवैध कटाई और पहाड़ों पर खनन से वन्यजीवों के पर्यावास पर भी संकट चल रहा है। उनके सामने भोजन और आवास की समस्या पैदा हो रही है। वनों के नष्ट होने से वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण नहीं मिल रहा। ऐसे में वन्यजीव आबादी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। जिससे वे आमजन पर हमला भी कर देते हैं। अरावली पर्वत श्रृखंला हो रही खोखली क्षेत्र में लगातार अवैध खनन से अरावली पर्वत श्रृखंला नष्ट हो रही है। अवैध खनन के कारण पहाड़ों का सीना खोखला हो गया है। जिसका पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ रहा है। जानकार बताते हैं कि ऐसी ही हालत रही तो वन और पहाड़ों का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। पत्थरों की बढ़ रही मांग शहरों में लगातार बढ़ रहे नवनिर्माण व बहुमंजिला इमारतों के चलते निर्माण सामग्री की मांग पिछले कुछ वर्षों में बहुत बढ़ गई है। जिसमें पत्थर भी प्रमुख रूप से शामिल है। नींव भराई सहित अन्य कार्यों के लिए पत्थरों की मांग अधिक चल रही है। ऐसे में इस मांग को पूरा करने व मोटा मुनाफा कमाने के लिए गुपचुप तरीके से पत्थरों का अवैध खनन हो रहा है। कुछ दशक पहले तक सीना तानकर खड़े बड़े बड़े पहाड़ आज बौने और खोखले हो गए हैं। जिससे प्राकृतिक संतुलन भी बिगड़ गया है। इनका कहना है क्षेत्रीय वन अधिकारी बनीराज बैरवा का कहना है कि वर्तमान मे वन क्षेत्र मे अवैध खनन नहीं है। भरतून क्षेत्र में लीज वाले क्षेत्र से खनन किया जा रहा है। सपोटरा किला क्षेत्र में अवैध खनन की कोई सूचना नहीं मिली है। यदि ऐसा मामला है तो मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी।