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राजस्थान के करौली जिले में पांच लाख किसान बैंकों के कर्जदार, वादा पूरा करने को जिले में चाहिए साढ़े 11 अरब रुपए

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करौली

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Vinod Sharma

Dec 17, 2018

In order to fulfill the promise of debt waiver of farmers to the new g

राजस्थान के करौली जिले में पांच लाख किसान बैंकों के कर्जदार, वादा पूरा करने को जिले में चाहिए साढ़े 11 अरब रुपए



करौली. प्रदेश में नई सरकार को किसानों की कर्ज माफी के वायदे को पूरा करने के लिए अकेले करौली जिले में ११ अरब रुपए की दरकार है। जिले में करीब ५ लाख किसानों पर ११ अरब की राशि का ऋण बकाया चल रहा है। किसान इस ऋण की माफी को लेकर नई सरकार से उम्मीद लगाए हैं। सरकार ने १० दिन में यह कर्ज माफ कर देने का चुनाव से पहले वायदा किया था।
कभी मौसम की मार तो कभी कम उत्पादन के चलते जिले के पांच लाख किसान अनेक वर्षो से विभिन्न बैंकों के कर्जदार हैं। कर्ज के तले दबे किसानों की फसल लगातार चौपट हो रही है। इससे उन्हें ऋण से उभरने का मौका नहीं मिल पा रहा है। किसानों को राहत देने के लिए कांग्रेस ने चुनाव से पहले सत्ता में आने पर कर्ज माफ कर देने का वादा किया था। नई सरकार के गठन के बाद ऋण अब किसानों को कर्ज माफी की उम्मीद जगी है।
करौली जिले में विभिन्न बैंकों की २८ शाखाओं में किसानों ने अपनी जमीन को गिरवी रख या अन्य तरीके से ऋण लिया हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करौली जिले में लगभग पांच लाख किसान विभिन्न बैंकों के कर्जदार है। इन समस्त किसानों को पूरी तरह से कर्ज मुक्ति के लिए 11 अरब ६९ करोड़ ५४ लाख रुपए की दरकार है। यह राशि विभिन्न बैंकों को मिलने के बाद ही किसान पूरी तरह से कर्ज मुक्त हो पाएंगे। सूत्रों ने बताया कि नर्ई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले से ही कॉपरेटिव, भूमि विकास बैंक तथा अन्य बैकों ने कर्ज माफी की घोषणा के अमल के लिहाज से कर्जदार किसानों की पत्रावली खंगालना शुरू किया है।
सबको आदेश का इंतजार
नई सरकार के सक्रिय होते ही किसानों को ऋण माफी के आदेश का इंतजार है। किसानों को इंतजार है कि मंत्रीपरिषद की पहली बैठक में किसानों की कर्जमाफी के आदेश पारित होंगे। इस बारे में भाजपा की ओर से भी दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस भी इस पर अमल करने की तैयारी में है। मध्यप्रदेश में तो पहले ही दिन इस बारे में आदेश जारी कर दिए गए। इस कारण यहां के किसानों को भी नई सरकार से उम्मीद बंधी है, वे उस आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
५० हजार तक ऋण पहले की सरकार ने माफ किया था
जिले के किसानों का ५० हजार तक ऋण सरकार पहले ही माफ कर चुकी है। किसानों ने केन्द्रीय सहकारी, भूूमि विकास तथा अन्य बैंकों से फिर फसल के लिए ऋण ले लिया था। इस कारण वे फिर से कर्जदार हो गए हैं तथा हजारों की संख्या में किसानों को एक बार भी ऋण माफ योजना का लाभ नहीं मिला है। नई सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी घोषणा में किस स्तर के किसानों का कर्जा माफ किया जाएगाा, इसके अभी स्पष्ट आदेश नहीं आए हैं। आदेश मिलने पर ही पता चल सकेगा कि कितने रुपए तक का कर्ज माफ होगा।
ऋण माफी के लिए दिया था वोट
सरकार को तत्काल रूप से सभी किसानों की कर्ज माफी करनी चाहिए, किसान कर्ज के बोझ तले दबा है। किसानों ने ऋण माफी के इंतजार में ही कांग्रेस को जमकर वोट दिया था। दो लाख रुपए से अधिक का कर्ज माफ होना चाहिए।
मोहर सिंह मीना जिलाध्यक्ष किसान संघ करौली
किसानों की कर्ज माफी का वादा सरकार जल्द ही पूरा करेगी। भाजपा राज में किसानों का शोषण हुआ था, लेकिन अब नही होगा।
ओमप्रकाश मामू जिलाध्यक्ष कांग्रेस

पांच लाख किसानों ने लिया ऋण
पांच लाख से अधिक किसानों ने 11 अरब रुपए के लगभग का ऋण विभिन्न बैंकों से लिया हुआ है। सरकार का जो आदेश आएगा उसकी पालना होगी।
कैलाश चंद शर्मा जिला अग्रणी बैंक अधिकारी