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सिंचाई के लिए खेतों पर गुजर रही सर्दी की रात

गुढ़ाचंद्रजी. पिछले कुछ दिनों से तापमान में गिरावट आने के बाद सर्दी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में माड़ क्षेत्र सहित अन्य इलाकों में रात के समय किसानों के सामने सिंचाई कार्य करना मुश्किल हो गया है। किसान तेज सर्दी में सिंचाई करने को मजबूर है। किसानों ने बताया कि सिंचाई के लिए रात के समय बिजली मिल रही है। माड़ क्षेत्र के गांवों में इन दिनों सरसों व गेहूं की बम्पर पैदावार हो रही है, लेकिन नश्तर चुभौती ठंडी हवाओं के बीच सिंचाई कार्य ने किसानों के सामने मुसीबत खड़ी कर रखी है।

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सिंचाई के लिए खेतों पर गुजर रही सर्दी की रात

फोटो कैप्शन. गुढ़ाचंद्रजी. माड़ क्षेत्र के एक गांव में रात को सिंचाई करता किसान।

सिंचाई के लिए खेतों पर गुजर रही सर्दी की रात
गुढ़ाचंद्रजी. पिछले कुछ दिनों से तापमान में गिरावट आने के बाद सर्दी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में माड़ क्षेत्र सहित अन्य इलाकों में रात के समय किसानों के सामने सिंचाई कार्य करना मुश्किल हो गया है। किसान तेज सर्दी में सिंचाई करने को मजबूर है। किसानों ने बताया कि सिंचाई के लिए रात के समय बिजली मिल रही है। माड़ क्षेत्र के गांवों में इन दिनों सरसों व गेहूं की बम्पर पैदावार हो रही है, लेकिन नश्तर चुभौती ठंडी हवाओं के बीच सिंचाई कार्य ने किसानों के सामने मुसीबत खड़ी कर रखी है। रात के अंधेरे में वन्यजीवों का भय बना रहता है। किसानों को बीमार पडऩे की आशंका भी बनी रहती है। धीरे धीरे सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है।

रोशनी के लिए करते हैं टॉर्च से उजाला

रात के समय रोशनी के लिए किसान टॉर्च से उजाला करते हैं। कई किसान तो अंधेरे में ही सिंचाई करने में जुट रहते हैं। सरसों और गेहूं को सिंचाई की अधिक जरूरत रहती है। ऐसे में सिंचाई का दौर लंबे समय तक चलेगा। ऐसे में किसानों की सर्दी की रात खेतों पर ही गुजरेगी। किसानों ने बताया कि रात के समय सिंचाई के दौरान कई बार जहरीले कीड़ो के काटने, सर्पदंश आदि की घटनाएं हो चुकी है। किसानों ने बताया कि एक क्यारी में सिंचाई होने के बाद दूसरी क्यारी में सिंचाई के लिए बार बार पाइप बदलने पड़ते हैं।
दिन में सुचारु हो बिजली आपूर्ति तो मिले राहत

गुढ़ाचंद्रजी निवासी किसान हरि सिंह गुर्जर, रिगसपुरा निवासी रामचरण मीणा सहित अन्य किसानों ने बताया कि दिन के समय सुचारु बिजली नहीं मिलती है। सिंचाई के लिए रात के समय ही बिजली मिलने से रात को ही सिंचाई करनी पड़ती है। ऐसे में रात को खेतों पर ठहरने की मजबूरी है। सिंचाई के लिए लिए दिन में सुचारु तरीके से बिजली मिले तो समस्या का समाधान हो सकता है।