
गुढ़ाचंद्रजी. संत समागम कार्यक्रम में प्रवचन सुनते श्रद्धालु।
संत समागम में बही भक्ति की बयार, उमड़े हजारों अनुयायी
कबीर आश्रम पर दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ
कई राज्यों से पहुंचे लोग
गुढ़ाचंद्रजी. सदगुरु कबीर आश्रम विकास सेवा समिति के सानिध्य में दो दिवसीय संत समागम समारोह का गुरुवार को शोभायात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में करीब 5 हजार सदगुरु कबीर के अनुयायियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में राजस्थान सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा पंजाब आदि प्रांतों के अनुयायियों ने भाग लिया। शोभायात्रा कथा पांडाल से रवाना होकर बस स्टैंड, मुख्य बाजार, झरंड़ा चौराहा होते हुए कबीर आश्रम पहुंची। शोभायात्रा में सबसे आगे आगे सैकड़ों श्रद्धालु ध्वजा लेकर चल रहे थे। उनके पीछे करीब 251 महिलाएं कलश धारण कर चल रही थी। शोभायात्रा में सुसज्जित रथ में छत्तीसगढ़ के दामाखेड़ा के धर्मनगर से पधारे गुरु गोसाई भानु प्रताप साहेब बैठकर चल रहे थे।
जगह-जगह हुआ स्वागत
शोभायात्रा में हजारों कबीर अनुयायियों ने भाग लिया। शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। करीब 1 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा में आस्था की बयार बह रही थी। सद्गुरु डॉ. भानु प्रताप साहब ने पूजा की। महंत नरसी दास ने बताया कि संत समागम कार्यक्रम में एक दर्जन राज्यों के अनुयायियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में गुरु महिमा पाठ का आयोजन किया गया। इस मौके पर सदगुरु कबीर धर्मदास साहब कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा के गुरु गोसाई भानु प्रताप साहब व माता साहेब सुलक्ष्णा सोनिया माता का भी भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर कडियार परिषद राजस्थान के महंत पीतम दास, अनिल सोनी अलवर, कबीर सेवा समिति रेवाड़ी हरियाणा के अध्यक्ष उम्मेदसिंह फौजी, रामअवतार सोनी दिल्ली, महंत घीसा दास चिड़ावा झुंझुनू, सद्गुरु कबीर सेवा समिति जयपुर के अध्यक्ष जितेन्द्र जांगिड़ आदि मौजूद रहे।
आनंदी चौकी आरती का आयोजन आज
कबीर आश्रम के महंत नरसी दास ने बताया कि 24 मार्च को कबीर आश्रम गुढ़ाचंद्रजी में विधि-विधान पूर्वक आनंदी चौकी आरती का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले कथा प्रवचन में साहिबा सुलक्षणा सोनिया ने कहा कि प्रेम करने से ही परमात्मा की प्राप्ति होती है। साहेब का आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि साहेब से प्रेम करना कठिन है। उन्होंने कहा कि तलवार की धार सहना भी सरल है। लेकिन परमात्मा से प्रेम करना कठिन है। उन्होंने कहा कि मनुष्य गलतियों का पिटारा है। इसलिए मनुष्य को साहिब के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। अपने भीतर झांककर आत्मज्ञान की प्राप्ति करनी चाहिए।
Published on:
24 Mar 2023 11:53 am
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