युद्धाभ्यास के दौरान सूबेदार महेन्द्रसिंह शहीद, सैन्य सम्मान से की अंत्येष्टि
करीरी. सेना में सूबेदार महेन्द्र सिंह गुर्जर निवासी बौंल का युद्धाभ्यास के मानेसर में निधन हो गया। जिनकी पार्थिक देह रविवार को पैतृक गांव बौंल पहुंची। जहां सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि हुई। महुआ से ही गांव के युवा मोटरसाइकिल पर सवार होकर भारत माता के जयकारे लगाते हुए पार्थिव देह के साथ बौंल गांव पहुंचे। सूबेदार महेंद्र गुर्जर सेना की 24 राजपूत में कमांडो के रूप में मानेसर में पदस्थापित थे। उनका 25 साल पहले सेना में सिपाही के रूप में चयन हुआ था। जहां भारतीय सेना ने उनका पराक्रम देखते हुए उनका प्रमोशन सेना में सूबेदार के रूप में किया। वे एनएसजी कमांडो के प्रशिक्षण के दौरान घायल हो गए थे। जिनको सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूबेदार महेन्द्र सिंह गुर्जर के दो बेटे हैं। बड़े बेटे रूपराज ने पिता को मुखाग्नि दी। अंत्येष्टि के दौरान काफी संख्या में ग्रामीण व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सेना के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी। पार्थिव देह के पहुंचने पर जिला कलक्टर अंकित सिंह व हिण्डौन एएसपी सिद्धांत शर्मा, टोडाभीम उपखंड अधिकारी गौरव कुमार मित्तल, डीएसपी फूलचंद मीणा थानाधिकारी बृजेश कुमार ने पार्थिक देह को पुष्प चक्र अर्पित किया और परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान महुआ पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह, सरपंच सागर बाई, सामाजिक कार्यकर्ता रामकेश मीणा आदि मौजूद रहे।
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