
करौली में कफ्र्यू से कैलादेवी में कम रही भक्तों की भीड़
करौली. करौली में कफ्र्यू का असर कैलादेवी में दुर्गा अष्टमी पर देखने को मिला। अष्टमी पर खचाखच रहने वाला प्रांगन शनिवार को खाली नजर आया।
दो वर्ष पहले (2019) जब मेला आयोजित हुआ था तो दुर्गाष्टमी के मौके पर लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनौती मांगी थी। इस बार एक लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान लगाया जा रहा है जबकि बीते वर्षो में ये संख्या 5 से 6 लाख तक रहती थी।
दुर्गाष्टमी पर माता के दर्शनों के लिए सुबह मंगला आरती से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हुआ। दिन चढऩे के साथ भीड़ में कुछ इजाफा तो हुआ, लेकिन उम्मीद के अनुसार भारी भीड़ नहीं उमड़ी। मेले के दौरान मंदिर परिसर में खचाखच भरी रहने वाली रैलिंगों में भक्तों की कम ही संख्या नजर आई। तीसरे पहर बाद तो इस संख्या में और भी कमी आ गई। अष्टमी पर परम्परा के अनुसार मंदिर के सोल ट्रस्टी कृष्णचन्द्र पाल और उनके पुत्र विश्वस्वत पाल भी पहुंचे और माता की पूजा-अर्चना कर खुशहाली की मनौती मांगी। इधर मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रबंधक महेश शर्मा ने बताया कि दुर्गाष्टमी पर गत वर्षों के मुकाबले भक्तों की संख्या कम रही। शर्मा के अनुसार दो वर्ष पहले दुर्गाष्टमी पर करीब 6 लाख भक्तों ने दर्शन किए थे।
इधर इस बार दुर्गाष्टमी पर भक्तों की कम भीड़ रहने से कस्बे के दुकानदार भी मायूस हुए। उनका कहना था कि दुर्गाष्टमी पर अच्छी ग्राहकी की उम्मीद थी, लेकिन भक्तों का टोटा ही रहा।
घर-घर में किया पूजन
दुर्गाष्टमी के मौके पर घरों में देवी मां की पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर परिजनों ने सामूहिक रूप से देवी मां की पूजा-अर्चना की। इसके बाद कन्या-लांगुरियों को जीमन कराया गया।
Published on:
09 Apr 2022 10:02 pm
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