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कैलादेवी वन्य जीव अभयारण्य में सफारी की कवायद को लगा झटका

करौली. जिले के कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में आगामी एक अक्टूबर से सफारी शुरू करने के लिए वन विभाग द्वारा की जा रही कवायद को शुरूआती दौर में ही झटका लगा है। असल में सफारी के लिए वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया के तहत अब तक महज 4 आवेदन ही विभाग के कार्यालय में जमा हो सके हैं। ऐसे में विभाग को आवेदन की तिथि में इजाफा भी करना पड़ा है।

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कैलादेवी वन्य जीव अभयारण्य में सफारी की कवायद को लगा झटका

कैलादेवी वन्य जीव अभयारण्य में सफारी की कवायद को लगा झटका

करौली. जिले के कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में आगामी एक अक्टूबर से सफारी शुरू करने के लिए वन विभाग द्वारा की जा रही कवायद को शुरूआती दौर में ही झटका लगा है। असल में सफारी के लिए वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया के तहत अब तक महज 4 आवेदन ही विभाग के कार्यालय में जमा हो सके हैं। ऐसे में विभाग को आवेदन की तिथि में इजाफा भी करना पड़ा है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार कैलादेवी अभयारण्य क्षेत्र में तीन सफारी रूटों पर पर्यटन शुरू करने की तैयारी है। इनमें अभयारण्य क्षेत्र में खोड़ा का नाला से 45 है. एनक्लोजर से नींदर तालाब, बीरम की ग्वाड़ी से महेश्वरा धाम से आशाकी तथा कूरतकी ग्वाड़ी से बंका का नाला तक रूठ शामिल हैं। इन रूठों पर सफारी के संचालन के लिए एक सितम्बर से वाहनों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसके तहत निर्धारित तिथि तक 20 जनों ने वाहन पंजीयन कराने को आवेदन तो प्राप्त किए, लेकिन इनमें से महज चार जनों ने ही आवेदन जमा कराए हैं। ऐसे में अब विभाग को आवेदन लेने और जमा कराने की तिथि आगे बढ़ाने पड़ी है। सूत्रों के अनुसार अब 23 सितम्बर तक आवेदन लेने और 27 सितम्बर तक जमा कराने की तिथि तय की गई है। गौरतलब है कि वाहन पंजीयन 1 अक्टूबर 2022 से 30 सितम्बर 2023 तक के लिए किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि लम्बे इंतजार के बाद पहली बार वन्यजीव अभयारण्य में सफारी वाहन दौडऩे की तैयारी है। अभयारण्य क्षेत्र के विकसित होने की उम्मीद को लेकर लोगों में खुशी भी है। लोगों को उम्मीद है कि अभयारण्य क्षेत्र में देश-विदेश से सैलानियों के आने और अभयारण्य क्षेत्र के विकास से क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, लेकिन फिलहाल वाहन पंजीयन के आवेदन कम आने से इन उम्मीदों को कुछ झटका लगा है। हालांकि विभाग की ओर से सफारी वाहनों के लिए पंजीयन की प्रक्रिया के साथ ही वन्यजीव गाइडों के पंजीकरण की भी प्रक्रिया भी चल रही है। अभयारण्य क्षेत्र में जिन तीन मार्गों पर सफारी की अनुमति मिली है, उन मार्गों को भी दुरुस्त कराने की कवायद भी शुरू हो गई है। इसके तहत वर्तमान रूट को दुरुस्त कराया जाएगा, साथ ही जहां नई सड़क बनाने की जरुरत होगी, तो वहां नई सड़क का निर्माण होगा।

अभयारण्य क्षेत्र में लगेंगे वन्यजीव गाइड
अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीव गाइडों का भी चयन किया जाएगा, जिसके लिए भी पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। अभयारण्य क्षेत्र के लिए 50 वन्यजीव गाइडों का चयन किया जाना है। इसके लिए कार्यालय से 150 से अधिक लोग आवेदन ले जा चुके हैं। रणथम्भौर बाघ परियोजना (द्वितीय) करौली के उपवन संरक्षक डॉ. रामानन्द भाकर ने बताया कि रणथम्भौर बाघ परियोजना द्वितीय के लिए वन्यजीव गाइड चयन किए जाएंगे। प्रशिक्षण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई है। 20 सितम्बर तक कार्यालय से आवेदन प्राप्त कर 23 सितम्बर तक जमा कराए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि वन्यजीव गाइड आवेदनकर्ता करौली जिले का निवासी होना चाहिए। वहीं विस्थापित परिवारों के सदस्यों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।


इनका कहना है...
कैलादेवी वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्र में एक अक्टूबर से तीन सफारी रूटों पर पर्यटन शुरू करने की तैयारियां की जा रही हैं। वाहन पंजीयन कम होने से तिथि बढ़ाई गई है। सफारी रूटों को दुरुस्त भी कराया जा रहा है।
डॉ. रामानन्द भाकर, उपवन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना (द्वितीय) करौली


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