
करौली जिले में 44 हजार कतार में, महज 7 हजार युवाओं को मिल रहा बेरोजगारी भत्ता
करौली. राज्य सरकार भले ही बेरोजगारों को रोजगार और भत्ता देने के दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। इसका नमूना है कि यहां जिला रोजगार कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों में से मुठ्ठीभर को भत्ता और रोजगार मिल सका है।
कोरोना काल के बाद आए आर्थिक संकट ने भी बेरोजगारों की संख्या को और बढ़ा दिया है। ऐसे में करौली जिले में शिक्षित बेरोजगार बड़ी संख्या में रोजगार की तलाश में भटक रहें हैं। सरकार के रोजगार मेले भी बेरोजगारी के आंकड़ें को कम नहीं कर पा रहे। रोजगार कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो करौली जिले में 51 हजार 59 बेरोजगारों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए पंजीयन करवाया है, लेकिन इसमें से महज 7 हजार 18 बेरोजगारों को ही भत्ता मिल पा रहा है। जबकि चार वर्ष में महज 743 लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार मिल सका है। वर्तमान स्थिति में 44 हजार से ज्यादा शिक्षित युवा सरकार के बेरोजगारी भत्ते और रोजगार मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 30 वर्ष की आयु पूर्ण होने या रोजगार मिलने तक दो वर्ष की अवधि के लिए बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है।
बेरोजगारों को लगाने पड़ रहे चक्कर: शिक्षित बेरोजगार नादौती के सोप निवासी पवन कुमार मीना ने बताया कि नौ माह पूर्व पंजीकरण करा लिया, लेकिन बेरोजगारी भत्ता अब तक नहीं मिला है। कुंजेला के सियाराम मीना ने बताया कि 12 महीने पहले पंजीयन कराने के बावजूद बेरोजगारी भत्ते के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जेब खर्च के लिए मिले पैसों से कई बार गांव से करौली आए, लेकिन बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला है।
'पहले आओ, पहले पाओÓ के आधार पर देय है भत्ता
सरकार की ओर से महिला, दिव्यांगजन व थर्ड जेंडरों को 4500 रुपए एवं पुरुषों को 4 हजार रुपए की राशि प्रतिमाह बेरोजगारी भत्तेे के तौर पर दी जाती है। इसके बदले में प्रतिदिन सरकारी दफ्तर में चार घंटे (इंटर्नशिप) काम करना पड़ता है। इसी वर्ष जनवरी से लागू इस नए नियम के बाद आवेदक को आरएसएलडीसी के माध्यम से स्किल ट्रेङ्क्षनग करनी होती है या फिर तकनीकी शिक्षा के दस्तावेज लगाने होते हैं। इसके बाद रोजगार विभाग में पंजीकृत शिक्षित बेरोजगारों को Óपहले आओ, पहले पाओÓ की नीति के आधार पर भत्ता मिलता है।
11 माह में दिया 19.57 करोड़ का भत्ता
राज्य सरकार ने इसी वर्ष जनवरी में बेरोजगारी भत्ता राशि को 500 रुपए से बढाकर 4 हजार व 4500 रुपए तक कर दिया। जिले के बेरोजगारों को वर्ष 2022 में जनवरी से नवम्बर माह तक 19 करोड़ 57 लाख 67 हजार 659 रुपए का बजट बेरोजगारी भत्ता राशि के रूप में दिया जा चुका है। भत्ता राशि सीधे पात्र बेरोजगार के खाते में आती है। बेरोजगारी भत्ते की राशि को आठ से नौ गुना बढ़ाने के बाद भी बेरोजगारों की संख्या भी बढ गई है। लगातार बेरोजगारों की पंजीयन संख्या बढ़ रही है।
27 रोजगार मेले लगे 4 साल में
रोजगार विभाग की ओर से बेरोजगारों की संख्या के अनुरूप रोजगार भी नहीं दिलवाया जा सका है। करौली में रोजगार की आस में 51 हजार 59 बेरोजगार युवक-युवतियों ने पंजीयन कराया है, लेकिन रोजगार मेले में बहुत कम लोगों को रोजगार मिला है। पिछले वर्ष 2018 से 2022 तक, पिछले चार साल में 27 मेले लगे हैं। इनमें 1861 लोग शामिल हुए, लेकिन सिर्फ 743 बेरोजगारों को ही प्लेसमेंट के जरिए निजी क्षेत्र में रोजगार मिल सका है।
इनका कहना है
रोजगार विभाग में बेरोजगारों का ऑनलाइन पंजीयन किया जाता है। आवेदकों को भत्ता भी मिले और रोजगार भी मिले, इसके लिए रोजगार मेले लगाए गए। आने वाले दिनों तें भी मेले लगाए जाएंगे। इस साल अगस्त माह तक का भुगतान कर दिया है। बेरोजगार भत्ता शुरू करने का निर्णय सरकार से आवंटित बजट के आधार पर किया जाता है।
- उदयभान मीना, कार्यवाहक जिला रोजगार अधिकारी, करौली
Published on:
16 Dec 2022 07:27 pm
बड़ी खबरें
View Allकरौली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
