
करौली- हिस्सा कटा, कम हुआ वजन, राजस्व का गिरेगा ग्राफ
करौली. प्रदेश में नए जिलों के परीसीमन के साथ करौली जिले के दो उपखण्ड कम होने से जिले के राजस्व का ग्राफ भी गिरेगा। वहीं कृषि का रकबा भी कम होगा। भौगोलिक रूप से भी जिले का वजन और वजूद भी सिमट जाएगा।
करौली जिले में कृषि और मंडी से अच्छा राजस्व आता है। टोडाभीम मंडी से ही हर महीने करीब 3.50 लाख का राजस्व प्राप्त होता है। कृषि का दायरा घटा
टोडाभीम और नादौती के कृषि क्षेत्र भी करीब ढाई लाख हैक्टेयर से अधिक है। यहां सरसो, चना, गेहूं और बाजरे की पैदावार होती है। सबसे ज्यादा हिस्सा सरसो का है।
रह गई तीन विधानसभा
करौली जिले में करौली, सपोटरा, हिन्डौन और टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र हैं। यहां करौली को छोड़कर तीन सीटों पर कांग्रेस के विधायक है।
ऐसे गति पकड़ेगा ढांचा
नए जिले में कलक्ट्रेट बनने के साथ संबंधित तहसीलों, उपखण्ड मुख्यालयों की फाइलें भेजी जाती है। हालांकि शुरूआती कुछ वर्षों में दिक्कतें होती हैं। प्रशासनिक अधिकारी, मंत्रालयिक कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद कामकाज गति पकड़ता है।
पुलिस एक डिप्टी व चार थाने होंगे कम
वर्तमान में टोडाभीम में पुलिस उपअधीक्षक कार्यालय सहित टोडाभीम व बालघाट दो पुलिस थाने हैं। वहीं नादौती में नादौती व गढमोरा थाने अब गंगापुर एसपी के अधीन आएंगे।
फैक्ट फाइल
नादौती शुद्ध बोया क्षेत्रफल 41408.82 हैक्टेयर
फसलें- सरसो, चना, गेहूं, बाजरा
Published on:
06 Aug 2023 11:53 am
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