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बेटी के साथ पहली बार हौसला-अफजाई करते दिखे कर्नल बैंसला, बोले— मेरी दिली ख्वाहिश है ये ओलंपिक में जीतें

गुर्जरों के सख्त नेता व राजस्थान में आरक्षण की हवा बहा देने वाले सियासी चेहरे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला खेल-आयोजनों में भी बढ़—चढ़कर ..

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करौली

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Vijay ram

Jan 21, 2018

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राजस्थान में गुर्जरों के सख्त नेता व आरक्षण की हवा बहा देने वाले सियासी चेहरे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला खेल-आयोजनों में भी बढ़—चढ़कर मौजूदगी जताते हैं। कई बार वे स्वयं भी खेलते देखे गए, लेकिन रविवार को वह करौली में अपनी बेटी सुनीता बैंसला के साथ दौड़ प्रतियोगिता में संभवत: पहली बार हौसला-अफजाई करते स्पॉट किए गए।

सुनीता अपने पिता के पास बैठी धावकों का जोर-खरोश देख रही थीं, साथ ही अपनी सहेली के साथ बतियाती रहीं। सुनीता प्रोफेशनली सूबे में आयकर प्रधान हैं। बैंसला ने इस मौके पर कहा, ''मेरी दिली ख्वाहिश है कि ये लोग राजस्थान का नाम ओलंपिक में दौड़कर रोशन करें। देश के लिए मेडल जीतें। मैं मानता हूं, करौली की प्रतिभा ओलंपिक में दौड़ेंगी।''

किरोड़ी यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि आयोजकों को यहां करने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन अभी कम हुआ है। उन्होंने जिला कलक्टर से स्टेडियम की ओर ध्यान देने का आग्रह किया। मुख्य अतिथि जिला कलक्टर अभिमन्यु कुमार ने कहा कि यहां के युवाओं का फौज से काफी लगाव है। ओलंपिक की तैयारी में यदि कमी रहती है तो फौजी बनने के रास्ते खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिस्पद्र्धा से जिला स्वस्थ बनेगा। उन्होंने कहा कि यहां की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी प्रतियोगिताओं के लिए मैं कंपनी का सत्कार करूंगा।

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अतिथि के रूप में मौजूद प्रधान आयकर आयुक्त सुनीता बैंसला ने कहा कि करौली के बच्चे काफी मजबूत और काबिल हैं। मैंने यहां की बेटी होने के नाते बहुगुणा से करौली में कार्यक्रम कराने को कहा। कम समय में इतनी संख्या में युवा यहां पहुंचे। यह बेहद सुखद है। उम्मीद है यहां के बच्चों का ओलंपिक में चयन होगा और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दुस्तान का नाम रोशन करेंगे। गेल इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष बहुगुणा ने कहा कि मुझे खेलों से बेहद प्रेम है। यह खेल प्रेम मुझे यहां खींच लाया। करौली वासी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और प्रतिभाओं को ओलंपिक तक भेजने के मिशन में जुटें। एनवाईसीएस के प्रभारी रविन्द्र राठौड़ ने कहा कि हम इस उम्मीद से करौली आए हैं कि यहां की प्रतिभाएं ओलंपिक में खेलकर देश का नाम रोशन करेंगी।

इससे पूर्व स्वागत उद्बोधन विनोद कुमार ने दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का स्वागत वेदप्रकाश उपाध्याय, देवेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ. सी.के. शर्मा, शीशराम गुर्जर, भूपेन्द्र भारद्वाज एवं रामेश्वर प्रजापति ने किया। इस मौके पर विमलेश, रमाकांत वशिष्ठ, भानुप्रताप प्रताप सिंह बटरू, साहब सिंह गुर्जर, पूरण प्रताप चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे। संचालन ब्रजकिशोर शर्मा ने किया। इस दौरान कोच सुंदर का अतिथियों ने स्वागत किया।

अच्छी सेहत-अच्छी शिक्षा पर हो खर्च
कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि आने वाले १५ सालों तक लोग शादी और कथा आदि में बेशुमार खर्चे पर रोक लगाते हुए सिर्फ और सिर्फ अच्छी शिक्षा और अच्छी सेहत के लिए खर्च करें तो निश्चित रूप से यहां की तस्वीर बदल जाएगी।

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बैंसला ने एक होटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि अभी यहां ओलंपिक के लिए ट्रॉयल हुआ है। कई बच्चे मैंने दौड़ते हुए नहीं बल्कि उड़ते देखे हैं। मेरा विश्वास है कि करौली एक दिन जरूर उड़ेगी। बेटियों के कदम भी मैंने उड़ते हुए महसूस किए। अभी यहां यह संस्कृति नहीं पनपी है। करौली में फुटबॉल और हॉकी के लिए मैदान नहीं होना अफसोसजनक है। इसके लिए हमें जागना होगा। बैंसला ने कहा कि सभी लोग मेरा साथ दें मैं करौली में मेडिकल कॉलेज लेकर आऊंगा। बैंसला ने कहा कि कैलादेवी ट्रस्ट में बहुत पैसा आता है। इससे स्पोट्र्स का विकास कराया जाना चाहिए।

मनीष बहुगुणा ने कहा कि हमारा लक्ष्य ७०६ जिलों में जाकर प्रतिभा तलाशना होता है। पिछले वर्ष हम ५०० जिलों में जा सके। यह हमारा जुनून है कि हम माइनस २१ डिग्री सेल्सियस में लेह पहुंचे और आयोजन किया। उन्होंने बताया कि देश में नासिक के हरपल और प्रदेश में अलवर और जाधेपुर में बच्चों में काफी स्टेमिना है, लेकिन करौली किसी से कम नहीं है। दिव्यांग बच्चों में भी गजब का हुनर है। यदि इन्हें प्रोत्साहन मिला तो यह सामान्य बच्चों के साथ दौड़ सकते हैं। बहुगुणा ने कहा कि करौली की प्रतिभाएं एक दिन ओलंपिक में जरूर दौड़ेंगी। ऐसा मेरा विश्वास है। आयकर प्रधान सुनीता बैंसला ने कहा कि सभी के प्रयासों से एक यहां के बेटा-बेटी जरूर उड़ान भरेंगे।

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